
सरकार का कहना है कि भारतीय साफटवेयर कंपनियां आतंकवादियों के निशाने पर हैं । नयी दिल्ली में एक सम्मेलन में केंद्रीय गृह सचिव जी के पिल्लई ने कहा कि साफटवेयर कंपनियों को इस खतरे से सुरक्षित रखने के लिए पर्याप्त प्रबंध किये गये हैं। इस प्रकार के आगामी खतरों से बचने के लिए निजी कंपनियों की भी सहायता लेने की कोशिश की जा रही है। आर्थिक मंदी और आतंकवादियों के खतरों के बावजूद हमारी आर्थिक स्थिति बेहतर है और विकास की ओर अग्रसर है।भारत का सॉफ्टवेयर निर्यात 2000-2001 में 28, 350 करोड़ रूपये से बढ़कर पिछले वित्त वर्ष में 2,16,300 करोड़ रूपये हो चुका है। लेकिन आंतक के साय ने आर्थिक प्रगति को बुरी तरह प्रभावित कर रखा है। खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान और बांग्लादेश में आशियाना बनाए हुए दहशतगर्द देश के महत्वपूर्ण औद्योगिक इकाईयों को निशाना बनाने का मंसूबा बांध रहे हैं। इनमें परमाणु संयंत्र, तेल के कुंए, तेल शोधक कारखाने, आर्थिक राजधानी मुंबई और राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के साथ-साथ कई अन्य कंपनियों के दफ्तर शामिल हैं। कई निजी क्षेत्र के कंपनियों ने सरकार से आग्रह किया है कि उन्हें समुचित सुरक्षा उपलब्ध करवाई जाए जिसके लिए वो पैसा देने को भी तैयार हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए सरकार ने कई औद्योगिक प्रतिष्ठानों को सीआईएसएफ और सीआरपीएफ की सेवाएं भी मुहैया करवाई है।



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