केंद्र ने तेलंगाना राज्य के गठन की मांग मान ली और इस संबंध में प्रक्रिया शुरू की जाएगी और आंध्र प्रदेश विधानसभा में उचित प्रस्ताव पेश किया जाएगा।यह फैसला देर रात प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री के रोसैया के साथ बैठक में किया गया। इससे पहले सोनिया गांधी और मनमोहन मंत्रिमंडल के वरिष्ठ सहयोगियों के साथ कांग्रेस कोर समूह की दो दौर की बैठक हुई।गृह मंत्री पी चिदंबरम ने देर रात संवाददाताओं से कहा, ‘‘इन विचार-विमर्श के बाद मैं यह वक्तव्य दे रहा हूं। अलग तेलंगाना राज्य के गठन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। एक उचित प्रस्ताव राज्य विधानसभा में पेश किया जाएगा।’’ केंद्र और कांग्रेस पार्टी को यह फैसला टीआरएस प्रमुख के चंद्रशेखर राव के स्वास्थ्य में और गिरावट आने के बाद लेने को मजबूर होना पड़ा। उनका आमरण अनशन कल 11 वें दिन में प्रवेश कर गया और समूचे तेलंगाना क्षेत्र में तनाव बढ़ गया। इससे बड़ी अनहोनी होने की आशंका व्याप्त हो गई।इस बीच टीआरएस प्रमुख के चंद्रशेखर राव ने कल रात 11 दिनों से चल रहा अपना आमरण अनशन समाप्त कर दिया । यह कदम उन्होंने अलग तेलंगाना राज्य की अपनी मांग केंद्र द्वारा मान लिये जाने के बाद उठाया।राव ने एक गिलास जूस पीकर अपना अनशन समाप्त किया । उन्हें मध्य रात्रि के तुरंत बाद निजाम इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल साइंसेज में टीआरएस विचारक जयशंकर ने जूस पिलाई।नम आंखों के साथ राव ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और विपक्ष के नेता लालकृष्ण आडवाणी और अन्य पार्टियों के नेताओं का अलग तेलंगाना राज्य की मांग का समर्थन करने के लिए शुक्रिया अदा किया।
पी चिदंबरम ने कहा कि सरकार तेलंगाना राज्य की मांग पर आंदोलन को लेकर काफ़ी चिंतित थी. उन्होंने बताया कि बुधवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री के रोसैया के साथ इस मुद्दे पर विचार-विमर्श किया गया।तेलंगाना क्षेत्र में आंध्र प्रदेश विधानसभा की 294 में से 119 सीटें आती हैं जबकि लोकसभा की 42 सीटों में से 17 इस क्षेत्र से आती हैं।के चंद्रशेखर राव ने वर्ष 2001 में तेलुगूदेशम पार्टी छोड़कर तेलंगाना राष्ट्र समिति का गठन किया था। इस पार्टी का गठन अलग तेलंगाना राज्य की मांग को लेकर ही हुआ थी।वर्ष 2004 में टीआरएस कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) का हिस्सा था लेकिन वर्ष 2006 में पार्टी ने यह कहते हुए कांग्रेस से किनारा कर लिया कि पार्टी अलग तेलंगाना राज्य की मांग पर ध्यान नहीं दे रही है।