मध्यप्रदेश पुलिस के आतंकवादी निरोधी दस्ते एवं स्थानीय पुलिस ने सिमी के चार संदिग्ध कार्यकता को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार कार्यकर्ताओं को मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी शरदचंद्र सक्सेना की अदालत पेश किया गया, जहां से उन्हें 13 नवंबर तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। जबलपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक एम आर कृष्णा, उप पुलिस महानिरीक्षक वी. मधुकमार एवं एटीएस के उप पुलिस महानिरीक्षक पवन श्रीवास्तव ने बताया कि चारों प्रतिबंधित स्टूडेंट इस्लामिक मूवेमेंट आफ इंडिया के पदाधिकारी एवं सक्रिय कार्यकर्ता हैं और इनका आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिदीन से भी संबंध हैं। उन्होंने कहा कि इन्हें पकड़ने के लिए पुलिस ने पिछले कई दिनों से 'आपरेशन फंदा' चलाया हुआ था और मदार टेकरी कब्रिस्तान के निकट उस समय गिरफ्तार किया, जब ये वहां किसी योजना पर काम करने के लिए एकत्रित हुए थे। पुलिस को ऐसे सबूत मिले हैं कि इन सभी का जयपुर में 13 मई 2008 को हुए सिलसिलेवार बम विस्फोट में भी हाथ था। पुलिस ने बताया कि इनके आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिदीन के कयामुद्दीन कपाड़िया एवं सिमी के खजांची मोहम्मद अली एवं करेली निवासी इरफान से भी निकटवर्ती संबंध उजागर हुए हैं। इनके कब्जे से जेहादी सीडी, आपत्तिजनक अलगाववादी साहित्य एवं 28,500 रुपये बरामद किए गए हैं। बचाव पक्ष के वकील नईम खान ने बताया कि एटीएस एवं स्थानीय पुलिस ने अफरोज एवं आजाद निवासी जबलपुर तथा इमरान एवं अमजद निवासी जयपुर पर सिमी कार्यकर्ता होने का आरोप लगाया है।
उन्होंने कहा कि सीजेएम की अदालत में चारों युवकों ने बताया कि पुलिस ने उन्हें गत 30 अक्टूबर को हिरासत में लिया था, लेकिन उनकी गिरफ्तारी बुधवार को प्रदर्शित की गई। उधर, इंदौर की एक अदालत ने अहमदाबाद के सिलसिलेवार बम धमाकों के मामले में दो आरोपियों समेत पांच सिमी कार्यकर्ताओं को 17 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच पुलिस ने प्रतिबंधित संगठन से जुड़े मोहम्मद शफीक, मोहम्मद यूनुस, शेख साजिद, अरशद खां और फिरोज खां को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एके शर्मा की अदालत में पेश किया। इनमें शफीक और यूनुस अहमदाबाद बम धमाकों के मामले में आरोपी हैं। अदालत ने पांचों को 17 नवंबर तक इंदौर के सेंट्रल जेल जेल भेजने का आदेश दिया।