Thursday, 10 December 2009 10:33
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केरल हाई कोर्ट ने कहा कि राज्य में लव के नाम पर जबर्दस्ती धर्मपरिवर्तन कराने के संकेत मिल रहे हैं। अदालत ने सरकार को इन भ्रामक हरकतों को रोकने के लिए कानून बनाने की सलाह दी।अदालत ने कहा कि प्यार की आड़ में किसी तरह का जबर्दस्ती और भ्रामक धर्मांतरण नहीं किया जा सकता। न्यायाधीश के टी शंकरण ने लव जेहाद गतिविधियों में शामिल दो आरोपियों की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया। लव जेहाद में तथाकथित तौर पर दूसरे धर्म की लड़कियों को मुस्लिम लड़कों से शादी के प्रलोभन की आड़ में धर्मांतरण किया जाता है।लव जेहाद मामलों की सुनवाई कर रही अदालत ने केस डायरी की छानबीन के बाद पाया कि जबर्दस्ती धर्मपरिवर्तन के संकेत मिले हैं। न्यायाधीश ने कहा कि पुलिस की कुछ रिपोर्टों से यह बात जाहिर हुई कि एक खास धर्म की लड़कियों को कुछ संगठनों के आशीर्वाद से दूसरे धर्म में परिवर्तन कराने के ठोस प्रयास हुए।
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