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Fri, 04 Jul 2008 08:53:00

भारत एशिया कप के फाइनल में पहुंचा

भारत को 19 गेंद शेष रहते हुए छह विकेट की जीत के साथ एशिया कप क्रिकेट टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंचा दिया
इशांत शर्मा

गौतम गंभीर और महेंद्र सिंह धोनी की अगुवाई में शीर्षक्रम के बल्लेबाजों ने अपना जोरदार प्रदर्शन जारी रखकर श्रीलंका के पहाड़ जैसे स्कोर को बौना साबित करके भारत को 19 गेंद शेष रहते हुए छह विकेट की जीत के साथ एशिया कप क्रिकेट टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंचा दिया।

पाकिस्तान से बुधवार की हार के बाद भारत के लिए यह मुकाबला 'करो या मरो' जैसा हो गया था। भारत ने इस जीत से पाकिस्तान का फाइनल में पहुंचने का सपना चकनाचूर करके बांग्लादेश के खिलाफ शुक्रवार को होने वाले उसके मैच को औपचारिक बना दिया। भारत रविवार को होने वाले फाइनल में फिर से श्रीलंका का सामना करेगा।

नेशनल स्टेडियम की सपाट पिच पर भारतीय गेंदबाज पहली बार कुछ प्रभावशाली दिखे, लेकिन इसके बावजूद वह श्रीलंका को आठ विकेट पर 308 रन बनाने से नहीं रोक पाए। श्रीलंका की तरफ से चामरा कापुगेदारा (75) कप्तान महेला जयवर्धने (50) और चामरा सिल्वा (50) ने अर्धशतक जमाये।

वीरेंद्र सहवाग (42) और गौतम गंभीर (68) ने भारत को तूफानी शुरुआत दिलाई और केवल 11.4 ओवर में 92 रन की साझेदारी की। इसके बाद धोनी ने कप्तानी पारी खेलकर 62 गेंद पर 67 रन बनाए जबकि रैना ने बुधवार की असफलता को भुलाकर फिर से 54 रन की जानदार पारी खेली और भारत को 46.5 ओवर में चार विकेट पर 310 रन तक पहुंचांने में अहम भूमिका निभाई।

 इस मैच की बात की जाए तो श्रीलंका ने टॉस जीतकर पहले बैटिंग करने का फैसला किया। कप्तान माहेला जयवर्धने का यह फैसला उस वक्त सही होता दिखा जब सनत जयसूर्या बेहतरीन फार्म में दिखे।

ईशांत शर्मा ने हालांकि 43 के व्यक्तिगत योग पर सनत को चलता किया लेकिन इसके बाद कप्तान जयवर्धने, सीके कापूगेदारा और चमारा सिल्वा के शानदार अर्धशतकों की बदौलत श्रीलंका 50 ओवर में 308 रनों का सम्मानजनक योग खड़ा करने में सफल रहा।

जयसूर्या ने 37 गेंदों की अपनी संक्षिप्त पारी में जहां 8  चौके जड़े वहीं जयवर्धने 63 गेंदों पर चार चौकों की मदद से 50 रनों की संयम भरी पारी खेली। कापूगेदारा श्रीलंका की ओर से सबसे सफल बल्लेबाज रहे, जिन्होंने 78 गेंदों पर सात चौकों और एक छक्के की मदद से 75 रन बनाकर अपनी टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। हालांकि अगर कापूगेदारा को चमारा सिल्वा का साथ नहीं मिला होता तो पारी के मध्य में जल्दी-जल्दी विकेट गंवाने वाली श्रीलंकाई टीम 300 का योग नहीं पार कर सकती थी।

सिल्वा ने 56 गेंदों पर दो चौकों और एक छक्के की मदद से 50 रन बनाए। के वीररत्ने और टी तुषार ने भी 23-23 रनों की उपयोगी पारी खेली। भारत की ओर से इशांत शर्मा सबसे सफल गेंदबाज रहे, जिन्होंने 55 रन देकर दो विकेट लिए। ओझा, कुमार, पठान और आरपी को एक-एक विकेट मिला।

 


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