औद्योगिक उत्पाद दर में 3 प्रतिशत की कमी आई है। मार्च महींने में पिछले 6 साल में सबसे कम उत्पादन का प्रतिशत है। औद्योगिक विकास दर का तो और बुरा हाल है। लक्ष्य 14.8 प्रथिशत है। 2006-2007 में विकास दर 11 प्रतिशत था जो 2007-2008 में घटकर 8.1 प्रतिशत रहने की संभावना है।
इससे सरकार की समस्या घटने बजाय बढ़ जायेगी। योजना अयोग के उपाध्यक्ष मंटेक सिंह अहुवालिया के अनुसार 8.1 प्रतिशत विकास दर वर्तमान परिस्थिति में स्वीकार्य है। आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यही स्थिति जारी रही तो 8.5 प्रतिशत जीडीपी को लक्ष्य के पास पहुंचना मुश्किल होगा।
फिक्की महासचिव अमित मित्रा के अनुसार औद्योगिक विकास दर बढ़ाने के लिए सरकार को सही महौल बनाने की जरूरत है। सरकार ब्याज दर कम करने की जरूरत है। कच्चे पदार्थों के दामों में वृद्धि भी इसका एक कारण हो सकता है। औद्योगिक विकास दर में एका- एक कमी नही आई है। 2007-2008 में 10.7 प्रतिशत था, इसकी वजह पिछले साल औद्योगिक विकास 10.3 प्रतिशत था। इसके बाद गिरावट शुरू हो गई, वजह ब्याज दरों में वृद्धि।