भारतीय अर्थव्यवस्था को मुद्रास्फीति की समस्या से फिलहाल छुटकारा मिलने के आसार दिखाई नहीं दे रहा है। शुक्रवार को महंगाई दर और बढ़ी गई।
मुद्रास्फीति की दर 21 जून को समाप्त हुए सप्ताह के दौरान कुछ बढ़कर11 दशमलव छह तीन प्रतिशत हो गई। इससे पहले के सप्ताह में यह दर 11 दशमलव चार दो प्रतिशत थी। मुद्रास्फीति में यह वृद्धि मुख्य रूप से फलों, सब्जियों, आयातित खाद्य तेल, चाय, समुद्री मछली, सीमेंट, लौह और इस्पात तथा मसालों के दाम बढ़ने के कारण हुई। इस सप्ताह के दौरान ईंधन की कीमतों में कमी हुई। केंद्र सरकार की बढ़ती महंगाई को रोकने और कम करने के अभी तक के सभी प्रयास विफल ही साबित होते दिखाई दे रहे हैं। जानकारों का मानना है कि मुद्रास्फीति की दर आने वाले महीनों में यह दर 12 तक पहुंच सकती है।