तीस अगस्त को समाप्त हुए सप्ताह के दौरान तीस आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी के बारे में वित्त मंत्रालय के बयान के बावजूद लगातार तीसरे सप्ताह भी मुद्रास्फीति घटकर बारह दशमलव एक प्रतिशत हो गयी है। वित्त मंत्रालय के बयान के अनुसार एक सप्ताह पहले मुद्रास्फीति की दर बारह दशमलव तीन चार प्रतिशत थी मानसून अच्छे चढ़ने से खाद्यान के दाम कम होते रहे हैं और इसके कारण बाजार के दर नीचे की तरफ रखा हुआ है। रिजर्व बैंक का कहना है कि अगले साल मार्च तक महँगाई दर आठ-नौ फ़ीसदी के स्तर पर आ सकती है।
अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल की क़ीमतों में आ रही गिरावट महँगाई घटाने में कारगर साबित हो सकती है। गुरुवार को न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज में कच्चे तेल का भाव पिछले पाँच महीनों में पहली बार सौ डॉलर प्रति बैरल के नीचे चला गया।भारत अपनी ज़रुरतों का लगभग 70 फ़ीसदी तेल आयात करता है और इसकी क़ीमतें घरेलू महँगाई दर के निर्धारण में अहम भूमिका अदा करती हैं।