28 वर्ष के सुरेश जो स्थानी फैक्ट्री चितुर में काम करने जा रहा था लोगो के समूहों ने उस पर हमला बोल दिया। पुलिस सूत्रों के अनुसार पिछली रात सुरेश और इन लोगो के बीच धार्मिक उत्सव के दौरान बहस हुई थी। यह बहस उनके जान लेने का कारण बनी।
पुलिस ने अज्ञात सात लोगो के विरूद्ध मुकदमा तो दायर कर लिया है। अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। आरएसएस ने चितुर बंद का आह्वान किया ।
आरएसएस और पुलिस इस घटना के लिए सीपीएम पार्टी के कार्यकर्त्ताओं को जिम्मेदार मानती है। लेकिन सीपीएम इस आरोप का जोरदार तरीके से खंडन किया है। 6 महींने पहले 2 सीपीएम कार्यकर्त्ता की हत्या हुई थी तब सीपीएम ने इसकी जिम्मेवारी आरएसएस पर डाली थी। तब आरएसएस ने इसका खंडन किया था। विचारों की लड़ाई अब जान लेने लगी है। यह कैसा लोकतंत्र है ?