इससे पाकिस्तान के नियत पर सवाल उठता है। जम्मू कश्मीर के सांबा क्षेत्र में जिस तरह से घुसपैठियों को भारत में घुसाने के लिए पाकिस्तान की सेना ने गोलाबारी का सहारा लिया उससे इस बात की पुष्टि हो जाती है कि आतंकवादियों को पाकिस्तानी सेना का समर्थन है.
अगले महीने अमरनाथ की यात्रा शुरू होने वाली है। जिसमें तीन लाख भक्तों की शामिल होने की संभावना है। सांबा में इस तरह की घटना इस बात की ओर इंगित करता है कि आतंकवादी किसी बड़ी घटना का अंजाम देने की तैयारी कर रहे हैं। सांबा से आतंकवादियों की घुसपैठ फिर आतंकवादी और सुरक्षा बलों में मुठभेड़ से यह लगता है कि इस वर्ष कश्मीर में चुनाव होने वाला है तो आतंकवादी घाटी में अपनी उपस्थिति दर्ज करना चाहते हैं।
पिछले महींने पुलिस खास तौर सीआरपीएफ को जो जानकारी मिली है उसके अनुसार 1200 जेहादी राज्य में सक्रिय हैं, जो 2006 की तुलना में आधे हैं। गर्मी में जैसे-जैसे बर्फ पिघल रहा है वैसे-वैसे आतंकवादी घाटी में घुसने का प्रयास कर रहे है। बीएसएफ के अनुसार आतंकवादी घाटी में घुसने के लिए बेचैन हैं। जिस तरह से राज्य में चारो तरफ अमन चैन है उससे आतंकवादियों में बेचैनी और बढ़ी है। 2006 में 343 घुसपैठिये राज्य में आये जो 2007 में इनकी संख्या घटकर 311 यानी कमी तो आई है।
इस बात की आशंका है कि राज्य में और घुसपैठ के प्रयास और तेज होंगे। केन्द्र सरकार ने सुरक्षा बलों को सतर्क रहने का निर्देश दिया है। सीआरपीएफ ने अमरनाथ यात्रा के रास्ते पर सुरक्षा बल तैनात करना शुरू कर दिया है। अमरनाथ यात्रा 18 जून से शुरू हो रही है और अगले दो महीने तक चलेगी।