मुंबई की एक विशेष अदालत ने 1993 के श्रंखलाबद्ध बमकांड में अबू सलेम के सहयोगी रियाज सिद्धीकी की जमानत अर्जी खारिज कर दी।
विशेष आतंकवाद एवं विध्वंसक गतिविधि निरोधक कानून (टाडा) अदालत के न्यायाधीश डीयू मुल्ला ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि अदालत के समक्ष पेश किए गए प्रमाणों को देखते हुए यह जमानत देने योग्य मामला नहीं लगता।
अदालत ने हालाँकि सिद्धीकी को जेल में चिकित्सा सुविधाएँ मुहैया कराने का निर्देश आर्थर रोड जेल अधिकारियों को दिया क्योंकि सिद्धीकी ने जमानत स्वास्थ्य आधार पर माँगी थी।
इससे पहले जमानत अर्जी का विरोध करते हुए मुख्य सरकारी वकील उज्ज्वल निकम ने अदालत को बताया कि मुकदमा शुरू हो चुका है और गवाह गवाही दे चुके हैं इस समय आरोपी को जमानत दी गई तो वह गवाहों को प्रभावित करने और सबूतों के साथ छेड़छाड़ करने की कोशिश कर सकता है।
निकम ने यह भी कहा कि सरकारी अस्पताल में सारी चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध हैं और सिद्धीकी का इलाज हो सकता है।