केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी के अध्यक्ष रामविलास पासवान ने सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए कहा, ' यह कड़वा सच है कि हमारे समाज का एक बड़ा तबका, खासकर दलित और मुस्लिम सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछडे हुए हैं। ' उन्होंने कहा कि दलितों और अल्पसंख्यकों की मौजूदा हालत दयनीय है।
ये समुदाय सामाजिक और आर्थिक रूप से अभी भी पिछड़े हैं। हालांकि भारतीय संविधान में इन समुदायों को विकास के लिए समान अवसर उपलब्ध कराए गए हैं। पासवान ने कहा कि वंचित लोगों के सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए सरकार को सही कदम उठाने की सख्त जरूरत है।
दलितों के शोषण के खिलाफ आवाज बुलंद करने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन शुरू है। इसमें दलित समुदाय के लिए शिक्षा और सामाजिक न्याय जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी।
केंद्रीय मंत्री और दलित एवं अल्पसंख्यक अंतरराष्ट्रीय फोरम के अध्यक्ष राम विलास पासवान ने बताया कि तीन दिन के सम्मेलन में हाशिये पर चले गए समुदायों की समस्याओं पर प्रकाश डाला जाएगा और उनके लिए व्यवहारिक समाधान ढूंढा जाएगा।
भारत के कुछ सांसदों सहित अनुसूचित जाति और अल्पसंख्यक समुदाय के नेताओं के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे पासवान ने बताया कि सम्मेलन की मेजबानी भारतीय मूल के अमेरिकी मुस्लिमों का फेडरेशन कर रहा है।
लोक जनशक्ति पार्टी के अध्यक्ष ने कहा कि सम्मेलन में भारत अमेरिका ब्रिटेन स्वीडन कनाडा आस्ट्रेलिया जर्मनी दुबई फिलिपीन न्यूजीलैंड दक्षिण अफ्रीका नेपाल मलेशिया सहित दुनिया भर से करीब दो हजार प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं। सामाजिक कार्यकर्ताओं के अलावा शिक्षाविद सामुदायिक नेता राजनीतिज्ञ और पेशेवर भी सामाजिक न्याय पर अपने विचार प्रस्तुत करेंगे।