उत्तर बिहार में कोसी नदी की बाढ से प्रभावित मधेपुरा , अररिया , सुपौल , सहरसा , पूर्णिया और कटिहार जिलों राहत और पुनर्वास का काम तेज कर दिया गया है। इन जिलों के लिये देश के विभिन्न भागों से राहतसामग्रियों का आना जारी है। कटिहार जिले में बाढ़ से प्रभावित परिवार के बीच ब्लाक मुख्यालयों में मुफ्त राशन और नकद सहायता राशि वितरण के लिए बड़े पदाधिकारी ब्लॉक मुख्यालयों में कैम्प कर रहे हैं। महानंदा, मरंडी और गंगा नदी के बाढ़ से विस्थापित हुए लोगों के पुनर्वास के लिए केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने इस जिले के लिए अलग से इंदिरा आवासीय देने की मंजूरी दे दी है। 18 को तटबंध टूटने के बाद आज 24 वां दिन है। प्रधानमंत्री मनमोहन सिह , सोनिया गांधी, राहुल गांधी के दौरा के बाद मात्र 25 हजार व्यक्ति सरकार के विभिन्न शिविर में शरण लिये हुए है। जिसको दोजुन का अभी तक का खाना पूरी रूप से और अन्य सुविधा मुहैया नहीं की गई है।
असम में मजुली और रंगिया सब-डिवीजनों में दो और लोगों के डूबकर मरने की खबर है। राज्य में बाढ़ से अब तक तीस लोगों की मृत्यु हो चुकी है। विश्वविख्यात काजीरंगा नेशनल पार्क में आठ गेंडों की भी मृत्यु हो गयी है। राज्य के उन्नीस जिलों में इक्कीस लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हैं और करीब दो लाख हैक्टेयर भूमि में खड़ी फसलों को भी नुकसान पहुंचा है। बाढ़ग्रस्त इलाकों में बीमारियों को फैलने से रोकने के लिये स्वास्थ्य अधिकारियों को चौकस कर दिया गया है।