दस हजार से अधिक घायल हो गए। भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 7.8 नापी गई है। भूकंप की वजह से कम से कम आठ स्कूल ढह गए। इनमें सैकड़ों बच्चों के दबे होने की आशंका है। सर्वाधिक क्षति पर्वतीय सिचुआन प्रांत की बिचुआन काउंटी में हुई है। अकेले इसी काउंटी में पांच-छह हजार लोग मारे गए हैं। भूकंप का असर थाइलैंड और वियतनाम तक रहा। वहां की इमारतें भी हिल गई।
बिचुआन काउंटी की आबादी एक लाख 61 हजार है। यहां का हर दसवां व्यक्ति हताहत हुआ है। यहां की 80 फीसदी इमारतें ध्वस्त हो गई हैं। मरने वालों की संख्या आरंभिक अनुमान से काफी ज्यादा होने की आशंका है।
स्थानीय मीडिया के अनुसार सिचुआन के डुजिआंगयान शहर में एक स्कूल की तीन मंजिली इमारत के ढह जाने से नौ सौ बच्चे मलबे में दब गए। यहां पांच क्रेनों की मदद से मलबे को हटाया जा रहा है। यहां एक अस्पताल के ढह जाने से कई मरीज और स्टाफ मलबे में दबे हैं। इसके अलावा सात अन्य स्कूलों के गिरने की खबर है जिनमें बच्चे और उनके अध्यापक दबे हो सकते हैं।
सिचुआन के ही उपप्रांतीय शहर चांगकिंग के ग्रामीण हिस्सों में दो प्राथमिक स्कूलों के ढह जाने से पांच बच्चों की मौत और 120 अन्य के घायल हो जाने की पुष्टि हुई है।
भूकंप के बाद बड़े पैमाने पर राहत कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। सैनिक और अर्धसैनिक बलों के जवान चिकित्सा सहायता लेकर क्षेत्र में पहुंच रहे हैं। हालांकि जगह-जगह चट्टानों के खिसकने की वजह से उनका रास्ता बाधित हुआ है और वे कई प्रभावित इलाकों में नहीं जा पा रहे हैं। भूकंप की वजह से टेलीफोन लाइनें कट जाने से भी राहत कार्य में काफी दिक्कतें आ रही हैं। राहत की बात यह है कि बीजिंग में बन रहे चिड़िया के घोंसले के आकार के विशाल स्टेडियम को भूकंप से कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। पश्चिमी चीन की सबसे बड़ी रिफाइनरी लांझू के सूत्रों ने बताया कि उसके संयंत्र भी भूकंप से बेअसर रहे हैं। इसके अलावा चेंगडू से सैकड़ों किलोमीटर दूर स्थित विशाल थ्री जार्ज बांध परियोजना को भी फिलहाल कोई नुकसान पहुंचने की खबर नहीं है।