मुखर्जी की संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति और अबू धाबी के शाह शेख खलीफा बिन जायेद अल नाहयान से भी भेंट होगी। वे दुबई के शाह शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मकटूम और अबू धाबी के शहजादे शेख मोहम्मद बिन जायेद अल नाहयान और अन्य नेताओं से भी मिलेंगे। मुखर्जी, संयुक्त अरब अमीरात की दो दिन की यात्रा पर वहां पहुंचे। संयुक्त अरब अमीरात के साथ भारत के बढ़ते हुए संबंधों को और मजबूत करना इस दौरे का उद्देश्य है।
दोनों देशों के बीच के संबंध इस दौरे से और मजबेूत होने की आशा है क्योंकि जहां भारत को अपनी आधारभूत परियोजनाओं में बाहरी निवेश की आवश्यक्ता है वहीं अमीरात को सूचना तकनीक और सेवा क्षेत्र विकास के लिए मानव संसाधन चाहिए। विदेशमंत्री की यह यात्रा भारत और संयुक्त अरब अमीरात के बीच उच्च स्तरीय संपर्कों की एक कड़ी के रूप में देखी जा रही है। इस यात्रा के दौरान किसी समझौते पर हस्ताक्षर की आशा नहीं है। लेकिन बातचीत दोनों देशों के राजनैतिक और आर्थिक संबंधों पर केन्द्रित रहने की संभावना है।