प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भूटान की शाही सरकार के निमंत्रण पर 16 और 17 मई को भूटान का दौरा करेंगे। मनमोहन भूटान की पहली नवनिर्वाचित संसद के दोनों सदनों के संयुक्त सत्र को संबोधित करेंगे। 24 मार्च को पहली बार चुनी गई भूटान की संसद को संबोधित करने वाले मनमोहन पहले विदेशी नेता होंगे।
दिल्ली में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि भूटान में जनतांत्रिक चुनावों के बाद प्रधानमंत्री बने ल्योनचेन जिगमे आर थिनले के साथ मनमोहन आपसी रिश्तों पर चर्चा करेंगे। भूटान को भारत की अन्य आर्थिक सहायता प्रोजेक्टों पर भी चर्चा होगी।
मनमोहन भूटान के राजा जिग्मे खेसर नामग्याल वांग्चुक से भी मुलाकात करेंगे। वह भारत के वित्तीय सहयोग से बनी 1020 मेगावॉट की ताला पनबिजली परियोजना भी भूटान को सौंपेंगे। 1095 मेगावॉट की पुनात सांग छू पनबिजली प्रोजेक्ट का शिलान्यास करेंगे।