संयुक्त अरब अमीरात ने भारत के साथ सहयोग बढ़ाने की उत्सुकता व्यक्त की है। रक्षा क्षेत्र में संयुक्त सैन्य अभ्यासों के जरिये तथा अमीरात के वरिष्ठ अधिकारियों को भारत में प्रशिक्षण के माध्यम से, यह सहयोग बढ़ाया जाएगा। संयुक्त अरब अमीरात की यात्रा पर गए विदेश मंत्री प्रणब मुखर्जी और वहां के युवराज शेख मोहम्मद बिन जायद अल बीच आज अबू धाबी में हुई बातचीत के दौरान आपसी सहयोग बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। दोनों देशों ने हार्डवेयर उत्पादन में भी आपसी सहयोग करने की इच्छा व्यक्त की है।
इससे पहले अबू धाबी में अमीरात रक्षा अध्ययन और अनुसंधान केंद्र में भारत की विदेश नीति पर दिए भाषण में मुखर्जी ने कहा कि ऊर्जा सुरक्षा और बुनियादी ढांचे से जुड़े पहलू ही आने वाले समय में भारत और खाड़ी देशों के बीच संबंधों की असली बुनियाद बनेंगे।
दोनों देशों की संयुक्त समिति के कार्य की समीक्षा करने के साथ ही सुरक्षा और सैन्य क्षेत्रों में आपसी संबंधों को और मजबूत करने तथा खाद्य वस्तुओं की कीमतों में दुनिया भर में हो रही वृद्धि से निपटने में आपसी सहयोग से जुड़े मसलों पर चर्चा की।
विदेश मंत्री की यह यात्रा आर्थिक वास्तविकताओं के मद्देनजर खाड़ी के देशों से संबंध मजबूत करने की प्रक्रिया के तौर पर बहुत महत्वपूर्ण है। भारत ऊर्जा सुरक्षा के साथ-साथ आधारभूत ढांचे के विकास के लिये निवेश चाहता है और संयुक्त भारत अमीरात को खाद्य सुरक्षा के साथ सुरक्षा तकनीक और सेवा क्षेत्र के लिए विशेषज्ञ मानव संसाधन की जरूरत है । विश्लेषकों का मानना है कि दोनों देश एक दूसरे का पूरक बनते हुए आने वाले समय में विकास प्रक्रिया को और गति दे सकते है।