नेपाल में माओवादियों के नेतृत्व में नई सरकार बनाने के प्रयासों को उस समय झटका लगा जब वहां की दो बड़ी पार्टियों ने माओवादियों के नेतृत्व में बनने वाली सरकार में शामिल होने के लिए नई शर्तें रख दीं। हाल में हुए चुनाव में दूसरी और तीसरी सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरीं नेपाली कांग्रेस और सी पी एन - यू एम एल ने कहा है कि वे फिलहाल नई सरकार में शामिल नहीं होंगी। नेपाली कांग्रेस ने शर्त रखी है कि माओवादी पहले अपनी निजी सेना, निजी अदालतों और समानान्तर सरकार को खत्म करें।
माओवादी नेता बाबूराम भट्टराई ने चेतावनी दी कि अगर नेपाली कांग्रेस और कम्युनिस्ट पार्टी (यूएमएल) सरकार में शामिल नहीं होती हैं तो माओवादी पार्टी अकेले सरकार बना लेगी। अंग्रेजी दैनिक 'कांतिपुर' के मुताबिक भट्टराई ने विराट नगर में कहा कि 28 मई या उससे पहले संविधान सभा की बैठक के पहले दिन ही राजतंत्र खत्म हो जाएगा।
प्रमुख माओवादी नेता प्रचंड ने राजा ज्ञानेंद्र को अल्टिमेटम दिया है कि 27 मई तक उन्होंने महल नहीं खाली किया तो उन्हें जबरन निकाल दिया जाएगा। दूसरी ओर नेपाल कांग्रेस और कम्युनिस्ट पार्टी (यूएमएल) ने सरकार में शामिल न होने की घोषणा की है। इन दोनों पार्टियों ने कहा है कि शांति प्रक्रिया और नए संविधान के निर्माण को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
सरकार में शामिल होने की शर्त रखते हुए नेपाली कांग्रेस की सेंट्रल कमिटी ने कहा है कि पहले के समझौते के मुताबिक माओवादी पीपल्स आर्मी भंग की जानी चाहिए और जन सरकार, जन सुनवाई के नाम पर समानांतर सत्ता व्यवस्था रोकी जानी चाहिए।
इसके साथ ही नेपाली कांग्रेस ने पैरा मिलिट्री के तर्ज पर विकसित यंग कम्युनिस्ट लीग खत्म किए जाने और माओवादी लड़ाकों और लड़ाई में प्रभावित लोगों के पुनर्वास का काम तेज किए जाने की मांग की है।
नेपाली कांग्रेस के नेता प्रकाश माहात ने कहा कि फिलहाल प्राथमिकता संविधान सभा के मार्फत देश को गणतंत्र घोषित करने की है। इसके अलावा लोगों के संघर्ष से मिली उपलब्धियों का संस्थानीकरण किए जाने की जरूरत है।
उधर तीसरे नंबर पर रही नेपाली कांग्रेस पार्टी-यूएमएल ने ताकत के बंटवारे पर खास जोर दिया है। पार्टी का मानना है कि प्रेजिडेंट, प्राइम मिनिस्टर और संविधान सभा का सभापति, इन तीन पोस्ट को तीन प्रमुख राजनैतिक पार्टियों के बीच बांटा जाना चाहिए।
इसके अलावा पार्टी ने दूसरे दलों को भी सरकार में शामिल किए जाने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने सरकार में शामिल होने पर फैसले से पहले माओवादियों के कॉमन मिनिमम प्रोग्राम को भी देखने की इच्छा जताई।