पिछले पांच वर्षों में पहली बार पाकिस्तानी सेना द्वारा नियंत्रण रेखा पर युद्द विराम का उल्घंन किया गया है। पाकिस्तानी सेना तंगधर क्षेत्र में भारतीय सेना के बंकरो पर मशीनगन से अधाधुंध गोला बारी की। घटना कितनी गम्भीर है कि प्रधानमंत्री ने इस पर चिंता व्यक्त की है कि मीलिट्री आपरेशन के महानिदेशक जनरल ए एस शेखन ने हॉट लाईन पर अपने समकक्ष पाकिस्तानी अधिकारी के सामने विरोध दर्ज किया है।
इस घटना पर ज्यादा जोर देते हुए तंगधर क्षेत्र के भारतीय कमांडर ने अपने समकक्ष पाकिस्तानी कमांडर के साथ फ्लैग मीटिंग की है। शाम को 6 बजे अधिकृत रूप से विरोध दर्ज कराया गया पर पाकिस्तानियों ने इसका खंडन किया है। युद्ध विराम के बाद सीमा पर से गोली बारी की घटनाओं में वृद्धि होने की संभावना है।
198 किलोमीटर अंतर्राष्ट्रीय सीमा, जम्मू और कश्मीर में,
778 किलोमीटर नियंत्रण रेखा,
110 किलोमीटर जमीनी हकीकत नियंत्रण क्षेत्र,
इन सीमाओं पर छुट-पुट गोला बारी की घटनाओं की खबर आती रहती थी पर पहली बार इस तरह का उल्घंन हुआ है।
मंगलवार को शाम को पाकिस्तानी सेना अपने पापा बंकर से सीधे भारतीय बंकर पर हमला किया जो 9,000 फीट की ऊंचाई पर अवस्थित है। यह गोलाबारी आतंकवादियों को घुसपैठ करने के सहयोग के लिए नही अपितु सीधे भारतीय सेना के बैंकर पर था।
पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल परवेज कियानी ने फिर इस बात को दोहराया है कि कश्मीर के संघर्ष के लिए सेना कटिबद्ध है। नियंत्रण रेखा के अग्रिम क्षेत्रों का दौरा करते वक्त उन्होंने कहा। हिजबुल मुजाहिद्दीन सुप्रीमों सैयद सलाहऊदीन ने पुन: इस बात को दोहराया है कि कश्मीर में जेहाद तब तक जारी रहेगा जब तक कशमीर को भारत के चुंगल से मुक्त नही कर लिया जाता है। साथ ही साथ उन्होंने भारत पाकिस्तान के बीच शांति वार्ता का विरोध किया है।
सेना और आतंकवादी संगठन दोनों एक साथ मिलकर भारत में तबाही मचाने का फैसला कर लिया है। जिसकी पुष्टि पिछले दो दिनों की घटनाओं से होती है जिसमें जयपुर में सीरियल बम विस्फोट, जम्मू कश्मीर में घुसपैठिये घुसाने का प्रयास और पांच साल में पहली बार पाकिस्तानी सेना द्वारा युद्ध विराम का उल्घंन है।