भारत और भूटान के बीच संपर्क बेहतर बनाने के लिए भारत ने भूटान के साथ रेल संपर्क के निर्माण का संकल्प व्यक्त किया। पश्चिम बंगाल में हाशीमारा और भूटान में फुटशोलिंग के बीच रेल की पटरी बिछाने का काम शीघ्र शुरू हो जाएगा। प्रधानमंत्री डॉक्टर मनमोहन सिंह की भूटान के प्रधानमंत्री एल जे थिलने के साथ राजधानी थिम्पू में बातचीत के बाद विदेश सचिव शिवशंकर मेनन ने कहा कि दोनों पक्षों को विश्वास है कि आपसी लाभ के लिए इस परियोजना को जल्दी लागू कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि शुरू में ये परियोजना करीब २० किलोमीटर लंबी होगी लेकिन धीरे-धीरे इसे बढ़ाया जाएगा। एक अन्य महत्वपूर्ण फैसले में भारत और भूटान ने यह फैसला किया कि वे २०२० तक पन बिजली का उत्पादन पांच हजार मेगावाट से बढ़ाकर दस हजार मेगावाट कर देंगे।
डॉक्टर मनमोहन सिंह एक हजार बीस मेगावाट की टाला पन बिजली परियोजना की शुरूआत करेंगे और एक हजार ९५ मेगावाट की पुनत संगछू पनबिजली परियोजना की आधारशिला रखेंगे।
प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने एक ओर जहां भूटान की पावन धरती पर सहयोग के नए द्वार खोलने की ओर कदम बढ़ाए, चाहे वह नई रेल परियोजना हो या फिर उच्च क्षेत्र में ऊंची छलांग या फिर भूटान की १०वीं पंचवर्षीय योजना में वित्तीय सहायता का भरोसा। भूटान नरेश के वाक्यांश को उद्धृत करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि राजतंत्र के शांत लेकिन मजबूत गर्भ में लोकतंत्र ने दस्तक दी है और यह यात्रा अपने अंतिम पड़ाव तक जा पहुंचेगा। विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र और सबसे नवीनतक लोकशाही के दरम्यान संबंधों की शायद ही और कोई मिसाल हो।
राजधानी थिम्पू में श्री थिनले द्वारा आयोजित भोज के अवसर पर प्रधानमंत्री ने लोकतंत्र की नई और उत्साहपूर्ण यात्रा पर निकले भूटान को पूरा समर्थन और सहयोग देने का वायदा किया। डॉक्टर मनमोहन सिंह ने भूटान के लोकतांत्रिक देशों के समूह में शामिल होने का स्वागत किया। उन्होंने दोनों देशों के बीच पारंपरिक संबंधों को ध्यान में रखते हुए सहयोग के नए क्षेत्रों और नए अवसरों की तलाश पर जोर दिया है।