पाकिस्तान के अलावा भारत को अपने एक और सीमावर्ती देश से खतरा पैदा हो सकता है। चीन के मध्य भाग में एक विशाल परमाणु बैलेस्टिक मिसाइल तैनाती के ठिकाने का पता चला है। इस ठिकाने से नई दिल्ली समेत पूरे उत्तर भारत पर सीधा निशना साधा जा सकता है। और तो और रूस के दक्षिणी हिस्सों तक यहां से मार की जा सकती है।
उपग्रह से लिए गए चित्रों के हवाले से “फेडरेशन ऑफ अमेरिकन साइंटिस्ट्स” ने रहस्योद्घाटन किया है कि चीन के मध्य भाग में देलिंगा और दा छियादाम के आसपास 275 किलोमीटर की पट्टी में करीब 60 परमाणु मिसाइल प्रक्षेपण स्थल हैं।
अभी 15 दिन पहले ही एक रक्षा पत्रिका ने दक्षिण चीन सागर के हायनान द्वीप में एक कुदरती गुफा में चीन के परमाणु पनडुब्बी के भूमिगत अड्डे का पर्दाफाश करके पूरी दुनिया में सनसनी मचा दी थी।
इसके बाद भारत ने तुरंत अपनी 3500 किलोमीटर तक मार करने वाली अग्नि-3 मिसाइल का परीक्षण करा है और समुद्र के भीतर से छोड़ी जाने वाली परमाणु मिसाइल के-15 के सफलतापूर्वक विकसित किए जाने की भी औपचारिक घोषणा भारतीय वैज्ञानिक कर चुके हैं।
अमेरिकी वैज्ञानिक फेडरेशन के शोधकर्ता हैंस क्रिस्टनसेन ने अपनी शोध रिपोर्ट में लिखा है कि यह बड़ा मिसाइल ठिकाना छिंगहाई प्रांत में हैं, जहां देलिंगा और दा छियादाम में दो जगह मिसाइल लांच पैड पाए गए हैं। मिसाइलों का यह ठिकाना जी- 315 हाई-वे पर है, जो महाई तक जाता है।
शोध में उपग्रह चित्रों के माध्यम से लांच पैड के अलावा कमान एवं कंट्रोल सुविधाओं तथा मिसाइल तैनाती उपकरणों का संकेत किया गया है। इसमें कहा गया है कि चीन की डीएफ- 21 मिसाइलें यहां से दक्षिण रूस और नई दिल्ली समेत उत्तर भारत तक निशाना बना सकती हैं लेकिन जापान, ताइवान और गौम तक उनकी रेंज नहीं है।
देलिंगा के मुख्य इलाके में मिसाइल ब्रिगेड का मुख्यालय दिखाया गया है जहां टैंट नुमा ढांचे दिखाए गए हैं। देलिंगा शहर के पश्चिम में 36 मिसाइल लांच पैड देखे गए हैं, जबकि 22 लांच पैड दा छियादाम में होने का खुलासा हुआ है।
उपग्रह के चित्रों में मिसाइल तैनाती के प्रत्येक इलाके में कमान एवं कंट्रोल सुविधाएं भी दिखाई गई हैं, जो भूमिगत हैं। शोधकर्ता ने कहा कि इन सुविधाओं को पहचानना आसान नहीं है।