भारत और मिस्र ने पहले से अपने मजबूत रिश्तों को और प्रगाढ़ बनाने का फैसला किया है। भारत के विदेश मंत्री प्रणब मुखर्जी और मिस्र के विदेश मंत्री अहमद अबुल घेट ने एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में घोषणा की कि अंतर्राष्ट्रीय खाद्य और ऊर्जा संकट को देखते हुए दोनों देश आर्थिक सहयोग बढ़ाने पर सहमत हो गए हैं। भारत और मिस्र गुटनिरपेक्ष आंदोलन के शुरूआती सदस्य हैं। श्री मुखर्जी ने आशा व्यक्त की कि पंद्रहवें गुट निरपेक्ष शिखर सम्मेलन के दौरान मिस्र विकासशील देशों के बीच सहयोग में नई ऊर्जा फूंकने के लिए इन देशों के हितों को आगे बढ़ाएगा।
भारत और मिस्त्र ने आपसी संबंधों को मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाने के साथ ही विकासशील दुनिया के हितों को आगे बढ़ाने की ओर विशेष ध्यान दिया है। दोनों देशों ने अपनी अफ्रीका के देशों के साथ संबंध मजबूत करने पर विशेष जोर देते हुए इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए एक ढांचा बनाने की आवश्यकता पर भी बल दिया। विदेश मंत्री ने ईरान के विरूद्ध किसी बल प्रयोग की संभावना का विरोध करते हुए स्पष्ट किया कि उसके एक संप्रभुत्ता सम्पन्न देश और संयुक्त राष्ट्र का सदस्य होने के नाते ऐसा करना अनुचित होगा।
श्री प्रणब मुखर्जी की मिस्र की तीन दिन की यात्रा संपन्न हो गई। फरवरी 2001 के बाद किसी भारतीय विदेशमंत्री की यह पहली काहिरा यात्रा है। अपनी तीन दिन की यात्रा के अंत में श्री मुखर्जी ने अरब लीग के महासचिव अमर मूसा से भी मुलाकात की।