अमरीका को आशा है कि अमरीकी संसद के आगामी चुनावों से पहले भारत - अमरीका असैन्य परमाणु समझौता हो जाएगा। व्हाइट हाउस की प्रैस सचिव डैना पेरिनो ने बताया कि यह समझौता सभी के लिए अच्छा है। यह भारत के लिए लाभकारी है क्योंकि इससे उसे आवश्यक उर्जा प्राप्त होगी और प्रदूषण भी नहीं होगा। वे मनमोहन सिंह सरकार द्वारा विश्वासमत जीतने पर प्रतिक्रिया व्यक्त कर रहीं थीं।
राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रवक्ता ने भी कहा कि अमरीका को भारत के साथ यह समझौता सम्पन्न होने और सामरिक साझेदारी और मजबूत होने की आशा है। इस बीच अमरीका के विदेश मंत्रालय ने बताया है कि राष्ट्रपति बुश की सरकार इस समझौते को सिरे चढ़ाने के लिए न केवल देश में बल्कि परमाणु सामग्री सप्लाई करने वाले देशों के संगठन और अंतर्राष्ट्रीय परमाणु उर्जा एजेंसी में भी पूरा जोर लगाएगी।
इस बीच भारत मे अमेरिका के राजदूत डेविड सी. मलफर्ड ने मनमोहन सिंह सरकार के विश्वास प्रस्ताव की जीत का स्वागत किया है। भारत में अमरीका के राजदूत डेविड सी. मलफर्ड ने कहा कि उनका देश भारत-अमरीका असैन्य परमाणु समझौते को आईएईए, परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह और अमरीकी कांगेरस से मंजूरी की प्रक्रिया पूरी करने के लिए काम करेगा। आईएईए यानी अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के संचालक मंडल की पहली अगस्त को वियना में बैठक हो रही है, जिसमें सुरक्षा उपायों से संबद्ध समझौते के भारत के मसौदे पर विचार किया जायेगा।