भारत के असैन्य परमाणु कारोबार का रास्ता खुल जाने के बाद अब फ्रांस की विकास एजेंसी जल्द ही भारत में स्वच्छ प्रौद्योगिकी तथा ऊर्जा बचत परियोजनाओं को बढ़ावा देने का काम शुरू करेगी। इस आशय के समझौते पर इस महीने प्रधानमंत्री की फं्रास यात्रा के दौरान हस्ताक्षर होने की संभावना है। फं्रास की विकास एजेंसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ज्यां मिशेल सेवेरीनो नई दिल्ली में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों से विचार-विमर्श के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह द्वारा भारत को विशेष छूट दिए जाने का स्वागत करते हुए उन्होंने कहा कि इससे भारत को ऊर्जा की बढ़ती जरूरतें पूरी करने के लिए विविध स्रोतों से ऊर्जा के उत्पादन में मदद मिलेगी।
डी.आर.डी.ओ. और इसरो के वैज्ञानिकों का कहना है कि इस छूट से न केवल देश की ऊर्जा जरूरतें पूरी होंगी बल्कि विभिन्न क्षेत्रों में ऐसी महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकी हासिल करने में भी मदद मिलेगी, जिनसे भारत कई दशकों से वंचित था। डी.आर.डी.ओ. के अनुसंधान विकास विभाग के मुख्य नियंत्रक डब्ल्यू सेल्वामूर्ति ने नई दिल्ली में कहा कि अमरीका के साथ सामरिक भागीदारी से ऐसा माहौल बन सकेगा जिसमें भारत को उसकी महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकी का लाभ हासिल हो सकेगा। उन्होंने कहा कि इसके फलस्वरूप भारत के अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी हासिल करने पर लगे प्रतिबंध भी धीरे-धीरे हटाये जा सकेंगे।