भारत-अमरीका परमाणु समझौते के अनुमोदन के लिये अमरीकी संसद में पेश करने के बाद राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को इस महीने की पच्चीस तारीख को व्हाइट हाउस आमंत्रित किया है। व्हाइट हाउस की पै्रस सचिव डायना पेरिनो ने वांशिगटन में बताया कि दोनों देशों के बीच सामरिक भागीदारी को मजबूत करने और सहयोग के अन्य क्षेत्रों में विकास निर्माण को बढ़ावा देने के संबंध में प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति बुश के बीच मुलाकात एक महत्वपूर्ण घटना होगी।
मनमोहन संयुक्त राष्ट्र महासभा में हिस्सा लेने संयुक्त राष्ट्र जाएँगे। वे बुश से मुलाकात के लिए यहाँ आएँगे। व्हाइट हाउस के मुताबिक बुश दोनों देशों के बीच की सामरिक साझेदारी मजबूत करने और कृषि, शिक्षा, व्यापार और रक्षा जैसे सहयोग के अन्य क्षेत्रों में प्रगति को आगे बढ़ाने के लिए 25 सितंबर को सिंह का स्वागत करने के लिए उत्सुक हैं।
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव डाना पेरिनो ने कहा राष्ट्रपति को अमेरिका-भारत शांतिपूर्ण परमाणु सहयोग समझौते को स्वीकार करने में खुशी होगी। डाना ने कहा अमेरिका-भारत असैन्य परमाणु सहयोग पहल को मुकम्मल करने वाले इस समझौते को संपन्न करना राष्ट्रपति बुश और प्रधानमंत्रीसिंह दोनों की प्राथमिकता रही है और अमेरिका-भारत सामरिक साझेदारी को सुदृढ़ करता है।
उन्होंने कहा यह ऐतिहासिक उपलब्धि अंतरराष्ट्रीय परमाणु अप्रसार प्रयासों को मजबूत करेगी। दोनों देशों को आर्थिक एवं कारोबारी अवसर प्रदान करेगी और भारत को पर्यावरणीय स्तर पर जिम्मेदारी से अपनी बढ़ती ऊर्जा आवश्यकताओं को संबोधित करने में मदद करेगी। प्रधानमंत्री 23 सितंबर से 27 सितंबर तक अमेरिका में होंगे। उम्मीद की जा रही है कि वे द्विपक्षीय संबंधों को और प्रगाढ़ करने के लिए अगले कदमों के बारे में बुश से चर्चा करेंगे। अगर तब तक अमेरिकी कांग्रेस 123 समझौते को मंजूरी दे देती है तो बुश और मनमोहन की इस बैठक में उस पर हस्ताक्षर किए जा सकते हैं।