पंचायत चुनाव में कांग्रेस और सीपीएम में जोरदार टक्कर हो रही है। उससे तृणमूल कांग्रेस पीछे छूट गई है, राज्य के कई जिले जैसे मालदा, मुर्शिदाबाद, उत्तरीदिजनापुर, और नादिया में दोनो पार्टियों के बीच कांटे की लड़ाई है।
पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने बढ़ती हुई मंहगाई के लिए प्रधानमत्री को दोषी ठहराया। आगे कह डाला कि सभी क्षेत्रों में असफल साबित हुए है। डा.सिंह सी के प्रधानमंत्रीत्व काल में चार राज्यों में चुनाव हुए है और वहां पर कांग्रेस को हार का मुह देखना पड़ा , भाजपा विजयी हुई। सरकार के समर्थन को सही ठहराया और कहा कि समर्थन भाजपा को सत्ता से बाहर रखने के लिए है। समर्थन के और कई कारण है तो उसकी आलोचना का अधिकार तो बनता है।
यह पूछे जाने पर की सीपीएम बिना दायित्व के सत्ता का मजा ले रही है, तो मुख्यमंत्री गुस्से में लाल पीले हो गये। और कहने लगे बताईये क्या फायदा लिया है। मुख्यमंत्री से यह पूछे जाने पर कि चुनाव के बाद फिर सरकार का समर्थन करेंगे तो कहना था कि चुनाव परिणाम आने के बाद विचार किया जायेगा।
यानी केन्द्र में सरकार चलाते रहेंगे मार्क्सवादियो ने देश को रसातल में ले जाने का पूरा प्रबंध कर रखा है। एक उदाहरण भारत अमेरिका असैनिक परमाणु संधि है। आम से खास लोगों का मानना है कि संधि राष्ट्रहित में है। यहां तक की पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल कलाम भी इसकी वकालत करने लगे है। वाम दल है कि किसी को भी सुनने को तैयार नही है। सरकार चल रही है या मजाक हो रहा है। क्या ऐसे ही राष्ट्र का निर्माण होगा ?