प्रधानमंत्री का पद संभालने के एक सप्ताह के अंदर उन्होंने पोखरण II विस्फोट करने का आदेश दे दिया था। कलाम भाभा आटोमिक रिसर्च सेन्टर द्वारा आयोजित समारोह में बोल रहे थे जो पोखरन II विस्फोट के दस साल पूरे होने पर आयोजित किये गये थे।
कलाम जिनके निगरानी में विस्फोट हुआ, इससे भारतीय इतिहास में मील का पत्थर मानते हैं। इसकी तुलना 1991 के आर्थिक सुधार से की जा सकती है। भारत वर्तमान में जो है इसमें इन दो ऐतिहासिक घटनाओं का महत्वपूर्ण स्थान है।
पोखरन विस्फोट के एक प्रमुख सहयोगी परमाणु वैज्ञानिक आर चिदम्बरम ने 11 मई के दिन आते ही अपने आप में उत्तेजना और रोमांच पैदा करता है। यह एक महज संयोग हो सकता है कि 11 मई 1998 को बुद्ध पूर्णिमा था जैसा 1974 पोखरण पहले परमाणु विस्फोट के समय भी बुद्धि पूर्णिमा था।
1974 में जब परमाणु विस्फोट हुआ था तब उसका कोड था बुद्ध मुस्कारायें। भारत इस निर्णय से परमाणु शक्ति सम्पन्न राष्ट्र बन गया । इससे देश का आत्मबल काफी बढ़ गया प्रतिबंध लगाने के बावजूद देश के वैज्ञानिको ने तरक्की की वह काबिले तारीफ है। तकनीकी तौर पर भारत ने ईबीएम मशीन, और अभी-अभी नैनो कार का निर्माण हुआ वह हमारी तकनीकी विशेषता को दिखाता है।