राज्य बनने के बाद यह पहला मौका है जब विपक्ष ने विधानसभा की कार्यवाही नहीं चलने दी।
राज्य बनने के बाद ऐसा पहली बार हुआ कि विपक्षी सदस्यों ने तोड फोड की और हाथापाई का प्रयास किया। आज प्रच्च्नकाल शुरू होते ही मुख्यविपक्षी दल कांग्रेस और बहुजन समाज पार्टी के अन्य सदस्य कार्यो को स्थगित कर प्रदेश में कानून व्यवस्था और पेयजल की कमी पर पहले चर्चा कराने की मांग करने लगे मांग न मानने पर वो अध्यक्ष के आसन के सामने आ गए और नारे लगाने लगे विधानसभा अध्यक्ष ने सदस्यों को शांत रहने की अपील की। उनको चार बार सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पडी। पांचवी बार सदन फिर बैठा और नया पंचायती राज विधेयक पटल पर रखा गया।