धमाके होते रहे सरकार सोती रही । पिछले पन्द्र्ह सालो मे देश के विभिन्न शहरो मे आतंकवादी घटनाये होती रही और सरकार निन्दा के अलावा कुछ भी नहि कर पाई। आतंकवादी घटनाओ का ब्योरा निम्नलिखित है
12 मार्च 1993 – मुंबई में सीरियल ब्लास्ट। 257 मरे। ये धमाके बाबरी मस्जिद को गिराने का बदला लेने के लिए किए गए थे।
14 फरवरी 1998 – कोयंबतूर में बम ब्लास्ट, 46 की मौत।
1 अक्टूबर 2001 – जम्मू-कश्मीर विधानसभा कॉम्प्लेक्स पर हमला। 35 मरे।
13 दिसंबर 2001 – दिल्ली में संसद पर हमला।
24 सितंबर 2002 – गुजरात में अक्षरधाम मंदिर पर हमला। 31 मरे।
14 मई 2003 – जम्मू के पास सेना की एक छावनी पर आतंकवादी हमला। 30 लोग मारे गए जिनमें औरतें और बच्चे भी थे।
25 अगस्त 2003 – मुंबई में कारों में हुए बम धमाकों में 52 मरे।
15 अगस्त 2004 – असम में बम धमाका। 16 जानें गईं जिनमें ज्यादातर स्कूली बच्चे थे।
5 जुलाई 2005 - राम जन्मभूमि स्थल पर आतंकवादी हमला।
29 अक्टूबर 2005 – नई दिल्ली में तीन शक्तिशाली बम धमाकों में 70 लोग मारे गए।
7 मार्च 2006 – वाराणसी में तीन धमाकों में 21 जानें गईं।
11 जुलाई 2006 – मुंबई की ट्रेनों में हुए सीरियल ब्लास्ट में कम से कम 200 लोग मारे गए।
8 सितंबर 2006 – मालेगांव, महाराष्ट्र में एक मस्जिद के पास हुए बम धमाकों में कम से कम 37 लोग मारे गए और 125 घायल हुए।
18 मई 2007 – हैदराबाद के मक्का मस्जिद में जुम्मे की नमाज़ के दौरान हुए विस्फोटों में 13 जानें गईं।
25 अगस्त 2007 – हैदराबाद के लुंबिनी पार्क और एक रेस्तरां में हुए दो धमाकों में कम से कम 42 लोग मरे। पुलिस एक बम का पता लगाने में कामयाब हुई वरना कुछ और लोगों की जानें जातीं।