भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ ने जयपुर में हुए बम विस्फोट की निंदा तो की है, पर साथ ही साथ उनका कहना था कि यह कानून और व्यवस्था का मामला नहीं है। यह एक आतंकवादी हमला है। राजनाथ सिंह के अनुसार आतंकवाद हिन्दी भाषी प्रदेशों में पैर फैलाने लगा है, जो एक चिंता का विषय है।
मुख्यमंत्री से बातचीत के बाद राजनाथ सिंह का कहना था कि विपक्षी पार्टियां केन्द्र से सहयोग करने के लिए तैयार है। लेकिन आतंकवादियों पर पर तो कार्रवाई केन्द्र सरकार को ही करनी पड़ेगी। मुख्यमंत्री बंसुधरा राजे जो जोधपुर में थीं घटना की खबर मिलते ही तुरंत जयपुर पहुंच गई और उनके अनुसार स्थिति काबू में है।
भाजपा जो हमेशा केन्द्र सरकार पर आंतरिक सुरक्षा और आतंकवाद पर ढील बरतने का आरोप लगाती है।उसको सरकार की आलोचना करने का एक और मौका मिल गया है। खासतौर पर लोक सभा का चुनाव सामने है। वर्तमान कर्नाटक चुनाव में पार्टी का मुख्य चुनावी मुद्दा है कि कर्नाटक आतंकवादियों की शरण स्थली में तब्दील हो गई है। राजस्थान में चुनाव इसी साल के अंत में होने है और वहां पर भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधी टक्कर है।
जिस तरह से आतंकवादी बार-बार विस्फोट करने में कामयाब होते जा रहे है। इससे भाजपा का यह आरोप सही साबित होता है कि केन्द्र सरकार आतंकवाद और आंतरिक सुरक्षा के मसले पर शिथिलता बरत रही है। एक उदाहरण काफी होगा संसद पर हमले के दोषी अफजल गुरू जिसे देश की सर्वोच्च न्यायलय से फांसी की सजा सुनाई गई है को अभी तक फांसी नही दी जा सकी है। इसे तुष्टीकरण नहीं तो क्या कहेंगे, आतंकवादियों का मनोबल तो बढ़ेगा ही क्योंकि वे जानते है कि सरकार कहती है करती नही आगे भी यही होगा।