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Thu, 15 May 2008 15:54:00

आतंक की साईकिल

बड़े शहरों से हटकर मझोले शहर भी आतंकवादी के निशाने पर आने लगे है। लखनऊ, फैजाबाद, वाराणसी, अजमेर, मालेगांव और अब जयपुर में दहशत पैदा करने का प्रयास किया गया है।अब इन छोटे शहरों में भी वैसी ही सुरक्षा व्यवस्था बनानी होगी जैसे दिल्ली और मुम्बई में है
जयपुर धमाके के चित्र

जयपुर अभी तक आतंकवादी घटनाओं से अछूता था। जयपुर जहां देश और विदेश से सबसे ज्यादा पर्यटक आते है। मंगलवार को 15 मिनट के भीतर जो सात बम विस्फोट हुआ वह पूरे शहर राष्ट्र  और देश को हिला कर रख दिया। एक बम विस्फोट तो जयपुर के हवा महल के पास हुआ। इन बम विस्फोटों में 80 लोगो की मृत्यु हुई और अब तक घायलों की संख्या 150 के आस-पास बतायी जाती जा रही है। बम रखने के स्थान का चुनाव ऐसे ढंग से किया गया था कि ज्यादा से ज्यादा नुकसान हो।

ऐसे ही विस्फोट देश की राजधानी दिल्ली और देश की वित्तीय राजधानी मुम्बई में भी हुई थी। हैदराबाद और बंगलौर जहां ज्यादातर आईटी कम्पनी और वीपीओ कम्पनी काम करती है को भी आतंकवादियों ने निशाना बनाया है। बड़े शहरों से हटकर मझोले शहरों भी आतंकवादी के निशाने पर आने लगे है। लखनऊ, फैजाबाद, वाराणसी, अजमेर, मालेगांव और अब जयपुर में दहशत पैदा करने का प्रयास किया गया है।

सरकारी सूत्रों के अनुसार हमला तो होते रहेंगे पर इसके रोकने की तैयारी की जरूरत है। हमें अब इन छोटे शहरों में भी वैसी ही सुरक्षा व्यवस्था बनानी होगी जैसे दिल्ली और मुम्बई में है। अगर हमें आतंकवादी घटनाओं पर काबू पाना है तो ऐसी सुरक्षा व्यवस्था बनाने की जरूरत है,जिससे आतंकवाद की मूल जड़ तक पहुंचना जरूरी है। जरूरत पड़े तो ज्यादा सुरक्षा बलों की नियुक्ति करना। जितने सारे रिपोर्ट आये है उसमें सुरक्षा बलों की कमी बताई गई है। इसके लिए राजनीतिक इच्छा शक्ति की आवश्यकता है।

यह आतंकवादी हमला तब हुआ जब विदेश मंत्री प्रणव मुखर्जी 21 मई को पाकिस्तान की यात्रा करने वाले है। हाल ही पाकिस्तान में नई सरकार बनी है उसका भारत के प्रति दोस्ताना रवैया दिखता है। लेकिन अभी तक इस बात का खुलासा नहीं हुआ है कि सरकार के इस निर्णय से आईएसआई कितना इतिफाक रखता है। हाल ही में राष्ट्र पति परवेज मुशर्रफ और सेना को लोकतांत्रिक सरकार की वजह से पीछे हटना पड़ा है। सीमा पार से गोली बारी, घुसपैठियों को बढ़ावा देना, जो लोग नही चाहते हैं कि भारत और पाकिस्तान के रिश्ते में सुधार आये वे इस तरह की घटनाओं को बढ़ावा दे रहे है। मुखर्जी अपनी यात्रा के दौरान इस्लामाबाद को यह बात समझाये कि सिर्फ कहने से कि हम आतंकवाद का विरोध करते है काम नही चलेगा  बल्कि करके दिखाना होगा। जयपुर बम विस्फोट के पीछे बंग्लादेश के आतंकवादी संगठन हरतक-उल-ये जेहाद का हाथ होने की संभावना बताई जा रही है। नई दिल्ली  को ढाका पर दबाव डालकर आतंकवादियो से निपटने की कोशिश करनी होगी।


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