भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने देश में बढ़ती आतंकवादी घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि केन्द्र सरकार कूटिनीति तौर पर प्रयास करने चाहिए जिससे आईएसआई की गतिविधियां अंतर्राष्ट्रीय जांच के दायरे में आये। भाजपा अध्यक्ष ने सरकार पर यह भी आरोप लगाया है के देश में 5,000 से ज्यादा आतंकवादी संगठन जो आईएसआई के ऐजेंड के रूप में कार्य कर रहे है।
हैदराबाद में संवादाताओं से बातचीत के दौरान यूपीए सरकार ने कहा कि उसकी नीतियों की वजह से देश में आईएसआई प्रायोजित आतंकवादी घटनाएं बढ़ती जा रही है। इस बीच भाजपा ने केन्द्र सरकार से अनुरोध किया है कि राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक बुलाई जाये जिससे आतंकवाद से निपटने के लिए संयुक्त नीति बनाये जाने पर पैसला लिया जाय।
पार्टी प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद ने पोटा को पुन: लागू करने की मांग की है। प्रसाद ने कांग्रेस के इस मांग से से बिल्कुल सहमति जाहिर नही की जिसमें आतंकवाद से निपटने के लिए एक केन्द्रीय जांच ऐजेंसी बनाने का सुझाव दिया गया है। रविशंकर प्रसाद का कहना था कि सरकार जब इसकी रूप रेखा के बारे में बतायेगी तब पार्टी अपने निर्णय से उसको अवगत करायेगी। उन्होंने कहा कि एनडीए के शासन के दौरान 5 आतंकवादी हमले हुए थे। पिछले तीन सालों में 22 आतंकवादी हमले हुए । 1999 से 2003 के बीच 2,500 से ज्यादा आतंकवादी मारे गये जिसकी संख्या घटकर अब 1,185 हो गई है।
रविशंकर प्रसाद ने कहा कि यूपीए सरकार को खुफिया जानकारी राज्यों बगैर राजनीतिक भेदभाव के देना चाहिए। हैदराबाद में पार्टी अध्यक्ष ने यूपीए सरकार को आम आदमी को धोखा देने का आरोप लगाया। चार साल के शासन के बावजूद आम आदमी से किये गये वादों को निभाने में केन्द्र सरकार नाकामयाब रही है। सरकार की विदेश नीति की आलोचना करते हुए कहा कि कम्युनिस्ट के दबाव में आकर चीन का पिछलगू बन बैठा है। तिब्बत और नेपाल के मुद्दे पर सरकार की चुप्पी सारी स्थिति को साफ कर देती है। राजनाथ सिंह के अनुसार चीन के साथ सम्बन्ध अपने सुरक्षा सम्बन्धों को दांव पर रखकर नही करना चाहिए।