अमरनाथ श्राइन बोर्ड को आवंटित जमीन वापस लिए जाने के जम्मू-कश्मीर सरकार के फैसले ने बीजेपी को बैठे-बिठाए एक चुनावी मुद्दा दे दिया है। बीजेपी और संघ परिवार ने अब इस मुद्दे को हिंदुओं के अधिकार और अस्मिता से जोड़कर जनता के बीच जाने का मन बना लिया है। इसी के तहत बीजेपी, विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) और बजरंग दल सहित कई संगठनों ने अमरनाथ श्राइन बोर्ड को आवंटित जमीन रद्द किए जाने के फैसले के खिलाफ तीन जुलाई को देशव्यापी हड़ताल की घोषणा की है।
अमरनाथ मुद्दे पर बीजेपी अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने केंद्रीय पदाधिकारियों की विशेष बैठक के बाद कहा, 'हम मानते हैं कि श्राइन बोर्ड को भूमि का आवंटन रद्द किए जाने सहित जम्मू-कश्मीर में जो कुछ भी हो रहा है वह कांग्रेस नीत केंद्र सरकार की सहमति से हो रहा है।'
उन्होंने श्राइन बोर्ड के भूमि आवंटन को रद्द किए जाने को 'सेकुलरवाद' के खिलाफ फैसला बताते हुए इसके खिलाफ तीन जुलाई को देशव्यापी हड़ताल और चार से 11 जुलाई तक प्रमुख शहरों में विरोध जुलूस निकालने का ऐलान किया है।
उधर, वीएचपी के महामंत्री प्रवीण भाई तोगड़िया और अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक सिंघल ने भी अलग से संवाददाता सम्मेलन करके तीन जुलाई को देशव्यापी हड़ताल की घोषणा की। वीएचपी ने आरोप लगाया कि एकतरफ केंद्र और राज्य सरकारें हज यात्रियों की सब्सिडी बढ़ा रही हैं और दूसरी तरफ जम्मू-कश्मीर सरकार बाबा बर्फानी के भक्तों को सुविधाओं से महरूम रखने का षड्यंत्र रच रही है।
बजरंग दल के राष्ट्रीय संयोजक प्रकाश शर्मा ने भी तीन जुलाई को देशव्यापी हड़ताल करने और दो जुलाई से देश के विभिन्न शहरों में जुलूस निकालने की घोषणा की। दल के राष्ट्रीय संयोजक प्रकाश शर्मा ने कानपुर कहा कि जम्मू-कश्मीर सरकार को बर्खास्त कर वहां राष्ट्रपति शासन लगाया जाना चाहिए।
डॉ. प्रवीण तोगड़िया ने कहा कि पूरे देश में दो जुलाई को गाड़ियों से रैलियां निकाली जाएंगी और कश्मीरी वस्तुओं का बहिष्कार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कश्मीर भगवान शंकर की पुण्यभूमि है और अमरनाथ यात्रा करना हिंदुओं का मूलभूत अधिकार है। सरकार की यही जिम्मेदारी है कि वह तीर्थयात्रियों की सुख-सुविधा के लिए रास्ते में जरूरी व्यवस्था करे।
तोगड़िया ने कहा कि यदि भारत में अमरनाथ यात्रा नहीं हो सकती तो देश के बाहर होने वाली हज यात्रा भी नहीं हो सकती। वीएचपी ने सभी हज भवनों का अधिग्रहण कर उन्हें गरीबों के लिए अस्पतालों में बदलने की मांग की और हज यात्रा के लिए दी जाने वाली सब्सिडी समाप्त करने पर जोर दिया।
उन्होंने अमरनाथ यात्रा में रुकावट पैदा करने और बोर्ड को आवंटित जमीन वापस लेने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी व जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद को दोषी ठहराया। तोगड़िया ने कहा कि दोनों कांग्रेसी नेता जेहादियों और पाकिस्तान परस्त तत्वों का हौसला बढ़ा रहे हैं।
बीजेपी नेता लालकृष्ण आडवाणी ने अमरनाथ मुद्दे पर कांग्रेस की आलोचना करते हुए कहा है कि उसने अपनी विकृत धर्मनिरपेक्षता का परिचय दिया है। मेरा सेक्युलरवाद है हिंदुओं के साथ-साथ मुसलमानों, ईसाइयों व अन्य सभी अल्पसंख्यक समुदायों का आदर करना। लेकिन कांग्रेस बहुसंख्यक हिंदुओं की भावनाओं की अवहेलना करने में ही धर्मनिरपेक्षता समझती है।
आडवाणी ने आरोप लगाया कि केंद सरकार के दबाव पर जम्मू-कश्मीर की सरकार ने बोर्ड को जमीन देने के फैसले को रद्द किया है। उन्होंने कहा कि सोमनाथ मंदिर के निर्माण का फैसला नेहरू ने लिया था। उस फैसले को गांधी का आशीर्वाद प्राप्त था। लेकिन अब अयोध्या में राम मंदिर बनने में क्या दिक्कत है? सही बात यह है कि अब विकृत धर्मनिरपेक्षता का जमाना आ गया है।
आडवाणी ने कहा कि आगामी चुनावों में बीजेपी अमरनाथ के सवाल को मजबूती से उठाएगी। पीएम मनमोहन सिंह डील के मसले पर सरकार गंवाने को तैयार हैं, लेकिन श्राइन बोर्ड मसले पर वह ऐसी बहादुरी क्यों नहीं दिखा रहे? उन्होंने कहा कि हिंदू समाज को नजरअंदाज करना बर्दाश्त नहीं होगा। आडवाणी ने कहा कि अब समय आ गया है कि देश को धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में कदम आगे बढ़ाना चाहिए। केंद्र में एनडीए की सरकार आई तो इसके लिए एक अलग विभाग बनेगा।