इस संकेत के साथ कि सरकार, भारत-अमरीका असैन्य परमाणु समझौते पर आगे बढ़ेगी, प्रधानमंत्री डाक्टर मनमोहन सिंह ने राष्ट्रपति प्रतिभा देवी सिंह पाटिल से भेंट की और मौजूदा राष्ट्रीय घटनाक्रम पर विचार-विमर्श किया। डाक्टर मनमोहन सिंह ने कहा था कि वे अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेन्सी और परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह से बातचीत पूरी होने के बाद लेकिन परमाणु समझौते पर अमल से पहले, संसद के समक्ष जाएंगे। उन्होंने श्रीमती पाटिल के साथ अपनी आगामी जापान यात्रा के बारे में भी चर्चा की, जहां वे जी आठ शिखर सम्मेलन में भाग लेने जा रहे हैं। ऊर्जा सुरक्षा और अन्य अंतराष्ट्रीय मुद्दों पर विचार करने के लिये प्रधानमंत्री के अमरीकी राष्ट्रपति जार्ज बुश और विश्व के अन्य नेताओं से भेंट करने की भी उम्मीद है।
इससे सम्बद्ध एक अन्य घटनाक्रम में यूपीए की सहयोगी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल ने कहा कि सरकार परमाणु समझौते पर हस्ताक्षर करेगी और अपना कार्यकाल भी पूरा करेगी। श्री लालू प्रसाद ने दावा किया कि समाजवादी पार्टी परमाणु मुद्दे पर यूपीए के साथ है।श्री लालू प्रसाद ने नई दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष सोनियां गांधी से भेंट की।
अमर सिंह ने मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव प्रकाश कारात से बातचीत की और सभी धर्म निरपेक्ष दलों से एकजुट होने की अपील की ताकि साम्प्रदायिक ताकतों को हावी होने से रोका जा सके। जो भी हमारी बांत करनी है वो निजी बात हुई है। मुद्दा ये है कि संप्रदायिक ताकतों और अवसरवादी ताकतों में किस तरह से गठजोड़ हो रहा है।
समाजवादी पार्टी के लोकसभा में 39 सदस्य हैं और वह ऐसे कई संकेत दे चुकी है कि उसे कांग्रेस से संबंध बनाने में कोई एतराज नहीं है और वह परमाणु समझौते पर फिर से विचार करेगी। तेलगूदेशम पार्टी के नेता येर्रन नायडू ने भी यूएनपीए की बृहस्पतिवार को होने वाली बैठक से पहले श्री कारात से भेंट की।
शिवसेना का कहना है कि यह समझौता राष्ट्रीय हित में है लेकिन पार्टी प्रवक्ता संजय रावत ने कहा कि उनकी पार्टी ऐसा कुछ नहीं करेगी जिससे एन डी ए को नुकसान हो। शिवसेना के लोकसभा में 13 सदस्य हैं। इस बीच, उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री सुश्री मायावती ने यह आरोप लगाया कि मुलायम सिंह यादव ने परमाणु समझौते पर कांग्रेस का समर्थन करने का फैसला इसलिये किया है क्योंकि केन्द्र में कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार ने उनके खिलाफ सीबीआई की सभी जांच रोक दी हैं।
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने कहा कि वामपंथी दल परमाणु समझौते पर अपनी भावी नीति का फैसला शुक्रवार को करेंगे। पार्टी ने इस समझौते पर प्रधानमंत्री के वक्तव्य की भी आलोचना की।