अमेरिकी गुप्तचर संस्था इस बात का प्रयास कर रही है कि भारत अमेरिका प्रमाणु संधि अपनी नियती को पहुंचे । इसी को पूरा करने के लिए राष्ट्रीय लोकदल के अजीत सिंह और सपा के मुलायम सिंह और अमर सिंह को अपने जाल में फांस कर सरकार और संधि दोनो बचाने की रणनीति बना रखी है। और इसी पर अमल कर रही है
अमर सिंह अमेरिका से भारत पहुंचते ही यह कहकर सबको चौंका दिया कि सपा को दो शत्रुओं में से एक चुनना है, इसलिए भाजपा और बसपा से लड़ने के लिए कांग्रेस को मदद करने की जरूरत है।
सीआईए पूरे विश्व बताना चाहती है कि परमाणु संधि पर वामदल अलग-थलग है। भारत की जनता संधि को पसंद करती है पर सच्चाई यह है कि अधिकांश ग्रामीण जनता इस संधि का अर्थ ही नहीं समझती है।
बुश प्रशासन भारत की अंदरूनी राजनीति में हस्तक्षेप कर बहुत बड़ी गलती कर रही है इसका परिणाम आने वाले दिनों में पता चलेगा। अजीत सिंह पर विश्वास नहीं किया जा सकता है हो सकता है कि आने वाले दिनों में वह बीजेपी के साथ गठबंधन कर ले।