प्रधानमंत्री कार्यालय ने कहा है कि भारत-अमरीका असैन्य परमाणु समझौते से भारत की सम्प्रभुता खासतौर से देश का सामरिक परमाणु कार्यक्रम कमजोर नहीं होगा। नई दिल्ली में समाजवादी पार्टी के नेताओं श्री अमर सिंह और रामगोपाल यादव को समझौते के बारे में जानकारी देते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार एम के नारायणन ने बताया कि प्रधानमंत्री ने पहले भी कई अवसरों पर यह बात दोहरायी है कि समझौता किसी भी तरह से हमारे सामरिक कार्यक्रम को प्रभावित नहीं करेगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि समझौते में ऐसा कुछ भी नहीं है जिससे कि अगर भारत अपने राष्ट्रीय हित में परमाणु परीक्षण करना जरूरी समझे तो उसमें बाधा आती हो। यह भी स्पष्ट किया गया है कि अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी आईएईए के साथ सैद्धांतिक सहमति में इस बात पर जोर दिया गया है कि आईएईए सुरक्षा प्रावधानों को इस तरह से लागू करेगी जिससे भारत के परमाणु सामग्री या अलग से विकसित प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल में किसी तरह की बाधा नहीं आए।
समझौते के बारे में समाजवादी पार्टी के नेताओं के उठाए मुद्दों का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री कार्यालय ने स्पष्ट किया कि एक-दो-तीन समझौता विदेशी मामलों में फैसला लेने के अधिकार को किसी भी तरह से प्रभावित नहीं करेगा। अमरीकी कांग्रेस से पारित हाईड एक्ट और समझौते पर इसके प्रभाव के बारे में उठाए गए एक सवाल पर प्रधानमंत्री कार्यालय ने स्पष्ट किया कि एक-दो-तीन समझौता स्पष्ट तौर पर हाईड कानून का स्थान लेता है।
करार से ईरान के साथ भारत के संबंधों पर असर के बारे में स्पष्ट किया गया कि दोनों देशों के संबंध काफी समय से हैं और यह सभ्यताओं का मेल है जिसे किसी तरह का बाहरी प्रभाव या दबाव विचलित नहीं कर सकता।
इस बीच समाजवादी पार्टी ने परमाणु समझौते पर कांग्रेस के निकट आने का संकेत दिया है। हालांकि पार्टी चाहती है कि सरकार समझौते के बारे में उनकी आशंकाए दूर करे। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के साथ बैठक के बाद समाजवादी पार्टी के महासचिव अमर सिंह ने बताया कि जब तक प्रधानमंत्री इस मुद्दे पर सार्वजनिक बयान नहीं देते, पार्टी के लिए समझौते को समर्थन देना मुश्किल है। श्री सिंह ने कहा कि इस मुद्दे पर यूएनपीए की आज होने वाली महत्वपूर्ण बैठक में चर्चा की होगी।
समझौते पर विचार विमर्श के लिए भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की आज नई दिल्ली में बैठक हो रही है। इस मुद्दे पर वामपंथी दलों की बैठक कल होगी। इस बीच राष्ट्रीय लोकदल ने समझौतें का समर्थन करते हुए इसे राष्ट्रहित में बताया है।