अमेरिका के साथ परमाणु समझौते का रास्ता साफ करने का संकेत देते हुए समाजवादी पार्टी प्रमुख मुलायम सिंह ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से हुई बातचीत पर संतोष प्रकट किया और उम्मीद जताई कि उनके गठबंधन यूएनपीए के दूसरे घटक भी उनकी राय मान जाएंगे।
मुलायम-मनमोहन वार्ता के तुरंत बाद विदेश मंत्रालय की ओर से घोषणा कर दी गई कि प्रधानमंत्री आठ अमीर देशों की बैठक में हिस्सा लेने के लिए जापान जा रहे हैं।
सपा महासचिव अमर सिंह के साथ प्रधानमंत्री से मुलाकात करने के बाद यादव ने पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम से मिली राय के हवाले से परमाणु समझौते को देशहित में बताया। जब उनसे पूछा गया कि क्या आप डॉ. मनमोहन सिंह से हुई बातचीत से संतुष्ट हैं, तो उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का सार्वजनिक बयान आने के बाद तो पूरा देश ही संतुष्ट है। बात को और ज्यादा साफ करते हुए अमर सिंह ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी और वामदल सरकार को गिराना चाहते हैं, लेकिन “हमारी प्राथमिकता साम्प्रदायिक ताकतों को सत्ता से दूर रखना है”।
जब अमर सिंह से संवाददाताओं ने पूछा कि परमाणु समझौते के बारे में उनकी राय अब क्या है, तो उन्होंने कहा, “हमारी धारण वही है जो डॉ. कलाम की है और जो प्रधानमंत्री की है। अब हम अपने गठबंधन के नेताओं को प्रधानमंत्री और डॉ. कलाम से हुई बातचीत के बारे में जानकारी देंगे”। उन्होंने कहा कि वे संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन की अध्यक्ष सोनिया गांधी से भी मिलेंगे और यह बात उन्होंने तेलुगू देशम पार्टी के नेता एन. चंद्रबाबू नायडू को भी बता दी है। उन्होंने कहा, “हमने कुछ नहीं छिपाया हुआ है”।
यादव ने परमाणु समझौते को देशहित में बताने के लिए बार-बार पूर्व राष्ट्रपति की राय का हवाला दिया।उन्होंने कहा, “कलाम साहब देश के बड़े परमाणु वैज्ञानिक हैं और उन्होंने इस समझौते को राष्ट्रहित में, कृषि के हित में और देश की ऊर्जा जरूरतों के हित में बताया है”।
अमर सिंह ने भाजपा नेता जसवंत सिंह और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के नेता प्रकाश करात का नाम एक ही सांस में लिया और कहा, “जसवंत सिंह ने हमसे कहा कि हमें वामदल और बहुजन समाज पार्टी के साथ मिलकर सरकार गिराने के इस मौके का फायदा उठाना चाहिए”। लेकिन उन्होंने कहा, “हमारी प्राथमिकता साम्प्रदायिक ताकतों को सत्ता से दूर रखना है”।