अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के गवर्नर बोर्ड की बैठक 7 जुलाई को विएना में हो रही है, जिसमें भारत का प्रतिनिधित्व परमाणु ऊर्जा आयोग के अध्यक्ष अनिल काकोदकर करेंगे। आईएईए के सूत्रों ने बताया कि इस बैठक का एजेंडा मुख्य रूप से बजटीय और प्रबंधन संबंधी मुद्दों पर विचार करना है, लेकिन एजेंसी की वेबसाइट में स्पष्ट किया गया है कि बोर्ड की बैठक के एजेंडे में कभी भी फेरबदल या कोई भी संशोधन किया जा सकता है।
उल्लेखनीय है कि भारत यदि परमाणु समझौते पर अमल के लिए आईएईए में निगरानी समझौता करना चाहता है, तो यह एजेंसी के बोर्ड की बैठक में हो सकता है।सरकार के स्तर पर कोई फैसला होने की स्थिति में निगरानी समझौते पर हस्ताक्षर भारत के प्रतिनिधि यानी डॉ. काकोदकर को करने हैं।
भारत-अमेरिका असैनिक परमाणु करार का जोरदार समर्थन करते हुए परमाणु ऊर्जा आयोग के अध्यक्ष अनिल काकोदकर ने कहा कि अगर यह समझौता नहीं होता है तो इतिहास हमें कभी माफ नहीं करेगा। काकोदकर का यह बयान उस समय आया है जब वाम दलों ने धमकी दी है कि अगर संप्रग सरकार संसद में विश्वास मत लाती है तो वह इसके खिलाफ मतदान करेंगे।
इंडियन एकेडमी आफ साइंस की ओर से आयोजित समारोह में काकोदकर ने कहा कि यह एक मौका है जो हमारे सिद्धांतों से समझौता किए बगैर ही संभव है। हम भविष्य की ऊर्जा जरूरतों के बीच की खाई को पाट सकते हैं।