भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने कहा है कि मनमोहन सिंह की सरकार को लकवा मार गया है। उन्होंने कहा कि परमाणु करार के मुद्दे पर केंद्र की मनमोहन सरकार पिछले 18 महीने से अपाहिज हो गई है। सरकार ने नौतिक आधार पर शासन करने का अधिकार खो दिया है और उसे संसद का विशेष सत्र बुलाकर बहुमत साबित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर सरकार बहुमत साबित नहीं करती है तो वह राष्ट्रपति के पास जाएंगे और मनमोहन सरकार को बहुमत साबित करने के लिए कहेंगे।
पिछले एक हफ़्ते के राजनीतिक घटनाक्रम पर कड़ा रुख़ अपनाते हुए भारतीय जनता पार्टी के नेता आडवाणी ने दिल्ली में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, "सब व्यवहारिक मक़सदों के लिए मनमोहन सिंह सरकार लोकसभा में बहुमत खो चुकी है।" उनका कहना था कि अपने आचरण के कारण तो मनमोहन सरकार शासन चलाने का नैतिक अधिकार खो ही चुकी है और अब उसे ये सिद्ध करना है कि सदन में उसके पास शासन चलाने के लिए पर्याप्त संख्या है।
आडवाणी ने ज़ोर देकर कहा, "वैसे तो संसद का सत्र अगस्त में होना है लेकिन जो राजनीतिक अनिश्चितता चल रही है, उसे देखते हुए हम माँग करते हैं कि संसद का सत्र तत्काल बुलाया जाए और मनमोहन सिंह लोकसभा में बहुमत साबित करें। उन्हें लोकसभा में विश्वास मत हासिल करने के लिए प्रस्ताव रखना चाहिए।"
उनका कहना था, "सरकार ख़ुद को बचाने के लिए कुछ भी सौदेबाज़ी करने में लगी हुई है। कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने भारतीय राजनीति में अपनी विश्वसनीयता खो दी है।" आडवाणी का कहना था कि पहले दुश्मन रही दो पार्टियाँ अब ऐसे प्रयास कर रही हैं कि किस तरह की सौदेबाज़ी से सहयोगी दल बना जाए।