डॉक्टर रामबरन यादव संघीय लोकतांत्रिक गणराज्य नेपाल के पहले राष्ट्रपति बन गये। काठमांडू में राष्ट्रपति के नये कार्यालय शीतल निवास के प्रांगण में आयोजित एक भव्य समारोह में उन्हें देश के सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश केदार प्रसाद गिरि ने नेपाली में पद और गोपनियता की शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण के बाद राष्ट्रपति शीतल निवास के भीतर अपने कार्यालय में गये और उन्होंने अपने पद का कार्यभार सम्भाला। बाद में राष्ट्रपति ने नये उपराष्ट्रपति परमानंद झा को उनके पद की शपथ दिलाई। श्री झा ने हिन्दी में शपथ ली। नेपाल गणतंत्र के नये युग में प्रवेश कर गया है।
राष्ट्रपति और उप-राष्टपति का शपथ ग्रहण के बाद दो सौ चालीस साल के राजतंत्र औपचारिक रूप से समाप्त होने के बाद नेपाल गणतंत्र के नया युग में प्रवेश हुआ है। संविधानसभा में डा० राम बरण यादव राष्ट्रपति के पद पर इक्कीस जुलाई और जुलाई को निर्वाचित हुआ और उप-राष्ट्रपति परमानंद झा इसी महीने उन्नीस तारीख को निर्वाचित हुआ है। प्रधानमंत्री गिरिजा प्रसाद कोइराला संविधान सभा का अध्यक्ष, कुल-बहादुर गुरू, राजदूतों और पुलिस और प्रशासन के उच्च स्तर के अधिकारियां शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए थे