पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ पर पद छोड़ने के लिए जबरदस्त दबाव पड़ रहा है। पंजाब सूबे की एसेम्बली के बाद उत्तर-पश्चिमी सीमांत प्रांत असेंबली ने भी भारी बहुमत से प्रस्ताव पारित कर उनसे संसद में विश्वास मत हासिल करने को का है। असेंबली में पारित प्रस्ताव में कहा गया कि अगर मुशर्रफ विश्वास मत हासिल करने में विफल रहते हैं तो उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए। प्रस्ताव में यह भी कहा गया कि अगर मुशर्रफ इस्तीफा नहीं देते तो उनके खिलाफ महाभियोग चलाया जाना चाहिए।
आने वाले दिनों में सिंध और बलूचिस्तान की असेंबलियों द्वारा भी ऐसे ही प्रस्तावों को मंजूरी दिए जाने की आशा है। नेशनल असेंबली में अगले हफ्ते महाभियोग का प्रस्ताव पेश किया जाएगा। मुशर्रफ के खिलाफ दो दिन के भीतर दूसरी असेंबली ने प्रस्ताव पास किया है। प्रस्ताव में आरोप लगाया गया है कि मुशर्रफ ने अपने आठ साल के शासनकाल में देश को अत्यधिक खतरनाक स्थिति के निकट ला खड़ा किया है। अमरीका में डेमोक्रेटिक पार्टी ने कहा है कि उनका देश पाकिस्तान के अलोकतांत्रिक राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ को खुली छूट नहीं दे सकता। श्री मुशर्रफ पर महाभियोग लगाए जाने की आशंका के बीच अमरीकी डेमोक्रेटिक पार्टी की इस टिप्पणी को राष्ट्रपति मुशर्रफ के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।