नंदीग्राम के गांवों में ताजा झड़पों में 17 लोग जख्मी हो गए हैं। इनमें कुछ की हालत गंभीर है। तृणमूल कांग्रेस और सीपीएम के कार्यकर्ताओं के बीच बमों और दूसरे हथियारों से टकराव हुआ। पुलिस ने बताया कि घायलों में 15 तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता हैं। सभी घायलों को जोंका के प्राइमरी हेल्थ क्लिनिक पहुंचाया गया। गोली लगने के कारण घायल हुए लोगों की हालत गंभीर बतायी जा रही है। पूर्वी मिदनापुर के एसपी एस. एस. पांडा ने कहा कि जोंका और विद्यापीठ गांवों में 60 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। पांडा ने कहा कि अभी तक किसी को भी गिरफ्तार नहीं किया गया है। हालांकि, उन्होंने इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी कि बम हथियारों और गोलाबारूद के जखीरे का पता लगाने के लिए छापों का आदेश दिया गया है या नहीं।
नंदीग्राम में सोमवार रात हुई झड़पों में भी सात लोग घायल हो गए थे। इस बीच भूमि उच्छेद प्रतिरोध कमेटी (बीयूपीसी) ने नंदीग्राम पुलिस थाने के सामने प्रदर्शन किया और मांग की कि पुलिस समस्याग्रस्त इलाकों में सीपीएम कैडरों से फौरन हथियार जब्त करे। बीयूपीसी ने यह मांग भी की है कि पुलिस को नंदीग्राम में निष्पक्ष भूमिका निभानी चाहिए और 8 अगस्त को हुई सीपीएम नेता निरंजन मंडल की हत्या के मामले में बीयूपीसी नेताओं के खिलाफ दायर सभी 'झूठे' मामलों को वापस लेना चाहिए। इसी मामले पर तृणमूल कांग्रेस ने राज्य विधानसभा से वॉकआउट किया। इससे पहले तृणमूल ने सत्तारूढ़ सीपीएम द्वारा नंदीग्राम में हिंसा भड़काने के मुद्दे पर स्थगन प्रस्ताव की मांग की थी। इस मांग को स्पीकर एच. ए. हलीम ने नहीं माना। स्पीकर के इस फैसले के विरोध में ही तृणमूल ने वॉकआउट किया। इससे पहले इसी मुद्दे पर कांग्रेस के स्थगन प्रस्ताव को भी स्पीकर ने मंजूरी नहीं दी थी।