सेना प्रमुख जनरल दीपक कपूर ने चेतावनी दी कि चीन की सेना के तेजी से हो रहे आधुनिकीकरण के साथ ही भारत को इसके उन संभावित नतीजों, के बारे में सोचने की जरूरत है, जिनका देश की सुरक्षा पर प्रभाव पड़ेगा। कपूर ने यहाँ कहा `हमें चीन की सेना के आधुनिकीकरण के संभावित नतीजों तिब्बत के स्वायत्त क्षेत्र में हो रहे बुनियादी, विकास और अन्य संबंधित मुद्दों के बारे में सोचना होगा, जिनका हमारी सुरक्षा पर दीर्घकालिक असर पड़ सकता है।'
रक्षा अध्ययन और विश्लेषण संस्थान (आईडीएसए) में राष्ट्रीय सुरक्षा पर व्याख्यान देते हुए जनरल कपूर ने कहा कि सबसे बड़ा और सबसे ज्यादा शक्तिशाली पड़ोसी देश चीन अपनी सेना के तेजी से हो रहे आधुनिकीकरण के साथ ही उच्च आर्थिक विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है। `हमारे क्षेत्र के विशेष संदर्भ के साथ विश्व सुरक्षा का बदलता वातावरण और भारतीय सेना पर उसका पड़ता प्रभाव' विषय पर अपने व्याख्यान में उन्होंने कहा `सीमा से जुड़े सवालों पर हमारे मतभेद हैं, जिन्हें दोनों सरकारों के विशेष प्रतिनिधियों द्वारा सुलझाया जा रहा है।'
सेना प्रमुख जनरल दीपक कपूर ने कहा कि लगातार होने वाले उच्च स्तरीय दौरों से दोनों पड़ोसी देशों के बीच रचनात्मक जुड़ाव और आपसी भरोसे के रिश्तों को आगे बढ़ाया जा सकेगा। आर्थिक समझौते और सीमा विवादों को सौहार्दपूर्ण ढंग से सुलझाने के लिये लगातार होने वाले प्रयासों से सीमा क्षेत्रों में शांति को सुनिश्चित किया जा सकेगा।
संवाददाताओं के एक सवाल के जवाब में जनरल कपूर ने कहा कि बीजिंग ओलंपिक के बाद भारत के अधिकार वाले क्षेत्र में कुछ गतिविधियाँ करने के उद्देश्य से चीन की `पीपुल्स लिब्रेशन आर्मी' द्वारा तिब्बत में किसी तरह का निर्माण किये जाने के बारे में भारतीय सेना को जानकारी नहीं है।
अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम और वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) से सटे क्षेत्रों में चीन की सेना द्वारा अचानक प्रवेश करने की ताजा रपटों पर जनरल कपूर ने दोहराया कि सीमा रेखा का उल्लंघन एलएसी की अलग-अलग समझ और वहाँ तैनात सैनिकों के बीच गलतफहमी के कारण हुआ। यह स्थिति तब उत्पन्न हुई जब तैनात की गयी इकाई को बदला गया और नयी इकाई वहाँ नियुक्त हुई। उन्होंने कहा `यही कारण है कि हमारे पास भारत और चीन द्वारा सीमा समझौता करने वाले दल हैं, जो नियमित तौर पर बातचीत को जारी रखते हैं।'
जनरल कपूर ने कहा कि सीमा रेखा के उल्लंघन के इन छोटे मामलों को समय-समय पर होने वाली `फ्लेग मीटिंग' या फिर दोनों पक्षों के वार्ताकारों के बीच की बै"क में सुलझाया नहीं जाता। जनरल कपूर ने सीमा पर तैनात सैनिकों की अलग-अलग समझ के कारण वैमनस्य बढ़ने की बात को खारिज कर दिया।