अमेरिकी खुफिया ऐजेंसी सीआईए के दो अफसरों ने दावा किया है कि अल कायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन किडनी की घातक बीमारी से जूझ रहा है और अब उसकी जिंदगी के कुछ महीने ही बचे हैं। ऐजेंसी को कुछ दवाओं के नाम भी मिले हैं जो ओसामा को बीमारी के इलाज के लिए ले दी जा रही हैं।
यह रिपोर्ट छह से नौ महीने पहले आई थी और इससे वाकिफ एक अफसर ने कहा कि, ' ओसामा जिस तरह की दवाएं ले रहा है, उसके आधार पर हम कह सकते हैं कि अब वह 6-18 महीने से ज्यादा जीवित नहीं रहेगा। ' पाकिस्तानी राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने पहली बार यह दावा किया था कि ओसोमा को किडनी की बीमारी है और वह डायलिसिस पर है।
टाइम पत्रिका में सीआईए के काउंट-टेररिज्म सेंटर के डिप्टी डाइरेक्टर रहे पॉल पिलर ने कहा कि, ' यह हजारों मील दूर बैठकर सिर्फ मेडिकल चार्ट के एक हिस्से के आधार पर बीमारी का पता लगाने जैसा है। '
इसी बीच, वॉशिंगटन टाइम्स को एक सूत्र ने बताया है कि पाकिस्तानी इलाकों में ओसामा बिन लादेन के ठिकानों पर बगैर इस्लामाबाद की इजाजत के हमला करने के लिए अमेरिका और मुशर्रफ के बीच समझौता हो चुका है। अगर ओसामा के छुपने की जगह के बारे में जानकारी मिलती है तो सीआईए के प्रीडेटर ड्रोन्स (चालकरहित विमान) बिना पाकिस्तान की इजाजत के ही उस जगह पर हमला कर सकते हैं।
सूत्र के मुताबिक, मुशर्रफ ने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में शामिल होते समय अमेरिका को ऐसे हमलों की इजाजत दे दी थी। लादेन के ठिकाने की सही जानकारी मिलने पर अमेरिका के पास पाकिस्तान में विशेष टास्क फोर्स भेजने का विकल्प भी रहेगा। हालांकि, अफसरों के मुताबिक लादेन को मारने के लिए प्रीडेटर का इस्तेमाल किया जाएगा ना कि सैनिकों का।