श्रीलंका सरकार ने कहा है कि वह एलटीटीई द्वारा घोषित एकतरफा संघर्षविराम समझौते को मानने के लिए बाध्य नहीं है। विदेशमंत्री रोहित बोगोलागावा ने श्रीलंका की संसद में कहा कि सरकार एलटीटीई की इस घोषणा पर ध्यान नहीं देगी। एलटीटीई ने इस महीने श्रीलंका में शुरू हो रहे सार्क शिखर सम्मेलन को देखते हुए २६ जुलाई से दस दिन के लिए एकतरफा संघर्षविराम की घोषणा की है।
संघर्षविराम समझौते की घोषणा के कुछ घंटों बाद ही श्रीलंका की वायुसेना ने मुलईथिवु में जबर्दस्त हवाई हमले किये, जिसमें २२ ब्लैक टाइगर्स मारे गये। वायुसेना के प्रवक्ता विंग कमाण्डर जनक ननायकारा ने आकाशवाणी को बताया कि लड़ाकू जैट विमानों ने मुलईथिवु में उदरकट्टुकुलम में एलटीटीई के प्रशिक्षण शिविर पर हमला किया। एलटीटीई ने इस हवाई हमले में हुए नुकसान के बारे में कुछ नहीं बताया है।
श्रीलंका की नौसेना ने भी तड़के पूर्वी तट में त्रिंकोमाली के पास पुलमुदई में एलटीटीई की नौसैनिक इकाई पर हमला किया। नौसेना के प्रवक्ता ने बताया कि इस हमले में तमिल टाइगर्स की एक नौका पूरी तरह नष्ट हो गई, जबकि दो को आंशिक नुकसान पहुंचा। प्रवक्ता ने कहा कि इस हमले में एलटीटीई के दस नौसैनिकों के मारे जाने की भी खबर है।