फ्रांस के राष्ट्रपति निकोला सार्कोजी और जॉर्जिया के राष्ट्रपति मिखाइल साकसविली ने कहा है कि रूस का प्रस्तावित संशोधित शांति समझौता उन्हें स्वीकार है। साकसविली ने सार्कोजी के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा कि यह एक राजनीतिक दस्तावेज और इस पर सैद्धांतिक सहमति है। दोनों ने विश्वास जताया कि इसका पालन किया जाएगा। इस मामले पर सुरक्षा परिषद की पांचवी आपात बैठक के बाद फ्रांस के उप राजदूत जीन पियरे लेकरोइक्स ने बताया कि प्रस्ताव फ्रांसीसी राष्ट्रपति निकोलस सर्कोजी के तीन सूत्रीय मसौदे पर आधारित है। उन्होंने बताया कि इसमें रूस द्वारा तत्काल और बिना किसी शर्त जॉर्जिया पर हमला रोकते हुए संघर्ष विराम की बात कही गई है।
इसके अलावा जॉर्जिया की संप्रभुता, स्वतंत्रता और राष्ट्रीय अखंडता का समर्थन एवं यूरोपीय संघ (ईयू) और यूरोप में सुरक्षा एवं सहयोग संगठन (ओएससीई) की मध्यस्थता की भी बात कही गई है। इस बीच सर्कोजी संघर्ष विराम की कोशिश के लिए रूस और जॉर्जिया की यात्रा पर रवाना होंगे। इस दौरान सर्कोजी फ्रांस के पास ईयू की अध्यक्षता के दायित्व को देखते हुए भी दोनों देशों को युद्ध के बजाय शांतिवार्ता के रास्ते पर लाने की कोशिश करेंगे।
गौरतलब है कि पिछले महीने मध्य एशिया में शांति बहाली के लिए अरब और इजरायली नेताओं को बातचीत की मेज पर एक साथ लाने में सफल रहे सर्कोजी रूस-जॉर्जिया मामले में भी उत्साह से लबरेज हैं। हालांकि रूस द्वारा इस मामले में कोई समझौतावादी रूख अख्तियार न करने की जिद को देखते हुए जानकारों की राय में सर्कोजी का यह अभियान मुश्किल भरा हो सकता है। इस समझौते में रूस ने जो संशोधन किए हैं वह जॉर्जिया को स्वीकार हैं। रूस के राष्ट्रपति दिमत्रि मेदवेदेव ने सार्कोजी से बातचीत के बाद रूसी सेनाओं को दक्षिणी ओसेशिया में सैन्य अभियान रोकने का आदेश दिया था। सार्कोजी को इस बातचीत के लिए अंतरराष्ट्रीय समर्थन हासिल है। फ्रांसीसी राष्ट्रपति मॉस्को में मेदवेदेव से बातचीत के बाद जॉर्जिया रवाना हो गए थे।