नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के एक सीनियर अफसर ने कहा है कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई नार्कोटिक्स की तस्करी से मिले धन का इस्तेमाल भारत खासतौर से जम्मू कश्मीर में आतंकवादी गतिविधियों के लिए कर रही है। जम्मू कश्मीर में ब्यूरो के रीजनल डायरेक्टर एम. के. शर्मा ने बताया कि प्रतिबंधित दवाओं और नशीली चीजों की तस्करी से जुटाए धन का 25 फीसदी भारत के खिलाफ आतंकवादी गतिविधियों पर खर्च होता है।
शर्मा ने कहा कि हथियार मुहैया कराने के अलावा पाकिस्तानी एजेंसी ने जम्मू कश्मीर में आतंकवादियों के लिए सैलरी तक तय की हुई है। इस पर हर महीने 30 करोड़ रुपये खर्च होता है। जम्मू कश्मीर खासकर दक्षिणी कश्मीर के पुलवामा और अनंतनाग जिलों में खसखस और भांग की खेती की ओर ध्यान दिलाते हुए शर्मा ने कहा कि इन इलाकों में खेती करने वालों को हालांकि लाइसेंस जारी किए गए हैं, पर वे इनका गलत इस्तेमाल भी करते हैं। इन इलाकों का भूगोल इस प्रकार है कि यहां बिना ज्यादा मशक्कत के ही भांग बड़ी तादाद में उगती है। शर्मा ने कहा कि दुनिया का नब्बे फीसदी अवैध अफीम लाओस, म्यांमार, थाईलैंड, अफगानिस्तान, पाकिस्तान और ईरान से आता है।