अमरनाथ श्राइन बोर्ड भूमि मुद्दे को लेकर भारतीय जनता पार्टी, विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के आह्वान पर भारत बंद का व्यापक असर रहा।
कश्मीर में ‘श्री अमरनाथ तीर्थस्थल बोर्ड’ से यात्रियों के लिए दी गई जमीन वापस लेने के विरोध में देशभर के व्यापारियों ने कारोबार बंद रखा, जिससे अनुमानित 12 हजार करोड़ रूपए का नुकसान हुआ है और इससे सरकारी राजस्व में 800 करोड़ रूपए की कमी आएगी।
अखिल भारतीय व्यापारी परिसंघ के नेतृत्व में व्यापारियों ने विश्व हिन्दु परिषद (विहिप) के बंद का समर्थन किया है। परिसंघ के महा मंत्री प्रवीण खंडेलवाल ने यहां बताया कि बंद में देशभर से पांच हजार से अधिक व्यापारिक संगठनों ने हिस्सा लिया है। देशभर के लगभग 15 करोड़ व्यापारी और उनके आश्रित कारोबार से दूर रहे।
मध्य प्रदेश में भारत बंद के दौरान इन्दौर में हिंसक घटनाओं के बाद शहर के चार थाना क्षेत्रों में कफ्र्यू लगा दिया गया है। पथराव, तोड़फोड़ और आगजनी के बीच हिंसक घटनाओं में चार लोगों की मृत्यु हो गई और बीस से अधिक लोग घायल हो गए।
सुबह शांतिपूर्वक शुरू हुआ बंद अचानक उग्र हो गया और शहर के मध्य भाग में हिंसक घटनाओं ने उपद्रव का रूप ले लिया। बम्बई बाजार, मुकेरीपुरा, मल्हारगंज आदि क्षेत्रों में हुई हिंसक झड़पों में चार लोगों की जान गई और गभीर रूप से घायल लोगों को अस्पताल में दाखिल कराया पड़ा। फिलहाल शहर के मल्हारगंज, छत्रीपुरा, पंडनीरा और खजराना थाना क्षेत्रों में कफ्र्यू जारी है और संवेदनशील क्षेत्रों में रैपिड एक्शन फोर्स साहित भारी तादात में अतिरिक्त अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस ने 50 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया है।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कई इलाकों में दुकानें और व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे। उत्तरप्रदेश में बंद का आंशिक असर रहा। आधिकांश जगह बाजार और व्यापारिक प्रतिष्ठान खुले। इलाहाबाद, कानपुर, मुगल सराय और आगरा में कई स्थानों पर कुछ घंटे तक रेल सेवाएं प्रभावित रहीं लेकिन सड़क यातायात पर कोई असर नहीं दिखा।
असम में बंद शांतिपूर्ण रहा । कर्नाटक में दक्षिण कन्नड़, उडुप्पी, मैसूर, देवनगिरि, चित्रदुर्ग और बेलगाम को छोड़कर राज्य के बाकी इलाकों में सामान्य जन जीवन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा।
उधर, जम्मू में दुकानें, व्यापारिक संस्थान और शिक्षा संस्थान बंद रहे। हाल की हिंसा के बाद डोडा जिले के भद्रवाह शहर में तीसरे दिन भी कर्फ्यू जारी रहा। हमारे संवाददाता के अनुसार सांबा जिले में भी कर्फ्यू लगा हुआ है।
जम्मू और जम्मू सभाओं के दूसरे इलाकों में स्थिति को बिगड़ते देख केन्द्र सरकार ने रेपिडेक्शन फोर्स की चार कंपनियों को जम्मू भेजा है ताकि हिंसा पर काबू पाया जा सके। उद्मपुर और कुटवा में हालात बिगड़ने के कारण वहां भी जिला प्रशासन ने धारा 144 लगाई। उद्मपुर और कुटवा में उग्र भीड़ ने जम्मू-श्रीनगर और जम्मू-पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्गों पर कई जगह अवरूद्ध खड़ा करे ट्रफिक को कई घंटे तक बंद रखा। इस बीच अमरनाथ संगरी समिति ने जम्मू संभाग में अपने बंद को आह्वान को और 72 घंटे के लिए बढ़ा दिया है।
गुजरात में बंद का मिलाजुला असर रहा। अहमदाबाद, बडोदरा और सूरत जैसे बड़े शहरों में जनजीवन सामान्य रहा।