ओड़िशा के पुरी में विश्व प्रसिद्ध भगवान जगन्नाथ की वार्षिक रथ यात्रा धार्मिक श्रद्धा के साथ शुरू हुई। भगवान जगन्नाथ, देवी सुभद्रा और बड़े भाई बलभद्र की प्रतिमाओं को एक शानदार जुलूस में उनके रथों पर सजाया गया। देशभर से आये हजारों भक्तों के बीच इन प्रतिमाओं को नौ दिन के लिए श्री गुंडिचा मन्दिर ले जाया जाएगा। रथ यात्रा देखने के लिए पांच लाख से अधिक श्रद्धालु पुरी में एकत्र हैं।
रथयात्रा उत्सव के दौरान जगन्नाथ मन्दिर के बाहर भगदड़ में कम से कम छह व्यक्तियों की मृत्यु हो गई और दस लोग घायल हो गए हैं।
भगवान श्री जगन्नाथ, देवी सुभद्रा और श्री वलभद्र जी को देखने के लिए पुरी में हजारों, सैंकडों श्रद्धालु इकट्ठे हुए। धार्मिक भावना के साथ पुरी बड़गांग में भक्त भजन कीर्तन कर रहे हैं। कई भक्तों ने रथों के सामने नाचने के दृश्य भी दिखाई दे रहा है। सुबह और मध्यान्ह के सभी नीति संपन्न हो चुका है। पांडि विजय संपन्न होने के बाद पुरी गजपति महाराजा खेरा बाहरा भी कर चुका है। कुछ समय के बाद रथ खींचने का काम शुरू हो जायेगा। इसलिए श्रद्धालु सुबह से ही इंतजार में हैं। भगवान श्री जगन्नाथ को देखने के लिए श्रद्धालुओं के लिए मौसम भी सुहावना हो गया