पुलिस ने कंधमाल जिले में वीएचपी नेता लक्ष्मणानंद सरस्वती व चार अन्य की हत्या के मामले में दो संदिग्ध हत्यारों के स्केच जारी किए। हत्या में माओवादियों के शामिल होने का संदेह है। राज्यपाल ने भरोसा जताया है कि राज्य में सांप्रदायिक दंगे फिर से नहीं भड़केंगे। डीजीपी गोपाल चंद्र नंदा ने मीडिया से बात करते हुए कहा, क्राइम ब्रांच ने जनता से जानकारी जुटाने के लिए ये स्केच जारी किए हैं। स्केच चश्मदीदों के बयान के आधार पर तैयार किए गए हैं।
जारी स्केचों में एक शख्स 20-25 साल का, दूसरा 30-35 साल का है। दोनों की आंखें बड़ी-बड़ी हैं और दोनों के ही मूछें हैं। सूत्रों का कहना है कि संदिग्ध हत्यारे वह स्थानीय भाषा बोल रहे थे जो कोरापुट जिले में बोली जाती है। मामले की जांच कर रही क्राइम ब्रांच ने हत्या के 17 दिन बाद ये स्केच जारी किए हैं। वीएचपी नेता की हत्या के बाद कंधमाल जिले और राज्य भर में बड़े पैमाने पर हिंसा भड़क गई थी। इसमें 16 लोग मारे गए थे और सैकड़ों घर तबाह हुए थे।
इस बीच, उड़ीसा के राज्यपाल एम. सी. भंडारे ने हिंसा से पीडि़त लोगों से एक नया जीवन शुरू करने की अपील की है। उन्हें सुरक्षा का आश्वासन देते हुए भंडारे ने भरोसा जताया है कि अब राज्य में सांप्रदायिक दंगे नहीं भड़केंगे। उन्होंने कहा, पुलिस, प्रशासन और राज्य सरकार आपके जीवन और संपत्ति की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है। भंडारे दंगा पीडि़तों के लिए बनाए गए राहत शिविर का दौरा कर रहे थे।